ग्राम अकवा की पुकार पहुँची प्रधानमंत्री कार्यालय तक: प्रवेश जोशी की पहल बनी जनआवाज़ की मिसाल।

Share Now

तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/

76 वर्षों की आज़ादी के बाद भी छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक अंतर्गत ग्राम अकवा में आज तक स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। यह स्थिति न केवल चिंताजनक है, बल्कि संविधान में निहित जीवन और गरिमा के अधिकार का भी सीधा उल्लंघन है।इस गंभीर स्थिति को लेकर समाज सेवक प्रवेश कुमार जोशी ने एक विस्तृत और तथ्यात्मक पत्र भारत के प्रधानमंत्री को भेजा, जिसकी शिकायत संख्या PMOPG/E/2025/0197563 है। यह पत्र दिनांक 23 दिसंबर 2025 को प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा प्राप्त कर लिया गया है और संबंधित विभाग को अग्रेषित किया गया है।जोशी ने अपने पत्र में बिंदुवार तरीके से ग्राम अकवा की समस्याओं को रेखांकित किया है की, स्वच्छ पेयजल की अनुपलब्धता, जिससे ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।सरकारी सेवाओं का पूर्ण अभाव है, न राशन दुकान, न स्वास्थ्य केंद्र, न स्कूल, न आंगनवाड़ी। नदी पार कर राशन लाने की मजबूरी, जिससे जान जोखिम में पड़ती है। सरकारी योजनाओं से वंचित रहना, जो सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत है।उन्होंने मांग की है कि एक तथ्य-खोज टीम गठित कर ग्राम का दौरा किया जाए, ग्रामीणों से संवाद हो, और एक समग्र विकास योजना बनाई जाए जिसमें पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, और सरकारी योजनाओं की पहुँच सुनिश्चित की जाए।जोशी ने यह पत्र छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को भी भेजा है, जिससे राज्य स्तर पर भी त्वरित कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।जनता में बढ़ा विश्वास, दूर-दराज से मिल रही हैं समस्याएं की जानकारी,प्रवेश जोशी की संवेदनशीलता, लेखन शैली और सरकार तक बात पहुँचाने की प्रभावशाली कला से प्रभावित होकर अब दूर-दराज के गांवों से भी लोग उनसे संपर्क कर रहे हैं। लोग उन्हें अपनी व्यक्तिगत और सामुदायिक समस्याएं बता रहे हैं और उन्हें विश्वास है कि जोशी उनकी आवाज़ को भी शासन-प्रशासन तक पहुँचाएंगे।आज प्रवेश जोशी नगर के युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत बन चुके हैं। उनकी पहल ने यह साबित कर दिया है कि एक जागरूक नागरिक की कलम भी व्यवस्था को झकझोर सकती है।”भारत की आत्मा गाँवों में बसती है” इस विश्वास को जीवंत कर रहे हैं, जोशीजोशी का मानना है कि जब तक अंतिम व्यक्ति तक विकास नहीं पहुँचता, तब तक आज़ादी अधूरी है। उनका उद्देश्य है कि हर गांव स्वच्छ, सशक्त और आत्मनिर्भर बने, और इसके लिए वे लगातार सरकारी तंत्र और जनता के बीच सेतु का कार्य कर रहे हैं।


Share Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!