विकास नंद/ सर्वव्यापी

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हेमंत रमेश नंदनवार ने जिले के दूरस्थ अंचलों में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत जानने तथा मानसून पूर्व महामारी से बचाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए सरायपाली एवं बसना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान सीईओ नंदनवार ने स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि मरीजों को मानवीय संवेदना के साथ त्वरित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, गैर-संचारी रोग (एनसीडी) कार्यक्रम में तेजी लाने तथा पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कुपोषित बच्चों की समुचित देखभाल सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।उन्होंने कहा कि हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी, संपूर्ण उपचार एवं आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श सेवाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाएं, ताकि सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा मिल सके।सीईओ नंदनवार ने आगामी 28 जून को आयोजित होने वाले पल्स पोलियो अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए, ताकि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे। साथ ही 15 जून से 15 जुलाई तक संचालित होने वाले कुष्ठ रोग खोज अभियान को गंभीरता से संचालित करने तथा 100 दिवसीय टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए।निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं, दवा वितरण व्यवस्था, मरीजों को मिल रही सेवाओं तथा विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। मानसून के मद्देनजर संभावित संक्रामक एवं जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए आवश्यक तैयारियों का भी आकलन किया गया।इस अवसर पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तथा स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यक्रम प्रबंधक नीलू घृतलहरे विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा दोनों विकासखंडों के खंड चिकित्सा अधिकारी, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक, खंड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी, विकासखंड डाटा मैनेजर सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।उक्त जानकारी स्वास्थ्य विभाग के मीडिया प्रभारी टी.आर. धृतलहरे द्वारा दी गई।