विकास नंद/सर्वव्यापी
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के अंतर्गत खाद्यान्न वितरण को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और व्यवस्थित बनाने के लिए कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जिले में आधार प्रमाणीकरण (बायोमेट्रिक) के माध्यम से राशन वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। यह निर्देश खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग तथा भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप दिए गए हैं।कलेक्टर लंगेह ने सभी सहायक खाद्य अधिकारियों एवं खाद्य निरीक्षकों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के लिए कहा है। निर्देशानुसार जिले की सभी ऑनलाइन उचित मूल्य दुकानों में ई-पॉस मशीन के माध्यम से हितग्राहियों को आधार प्रमाणीकरण (बायोमेट्रिक) के जरिए ही राशन सामग्री वितरित की जाएगी। वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत आधार आधारित प्रमाणीकरण को प्राथमिकता दी जाएगी।निर्देशों के अनुसार जिन राशन कार्डों में मुखिया एवं सभी सदस्यों का ई-केवाईसी पूर्ण है, उनमें खाद्यान्न वितरण केवल आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से किया जाएगा। नॉमिनी के माध्यम से राशन प्राप्त करने वाले हितग्राहियों के लिए भी नॉमिनी का आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा।विशेष परिस्थितियों में ही ओटीपी आधारित वितरण की अनुमति रहेगी। इसमें ऐसे राशन कार्ड शामिल होंगे जिनमें सभी सदस्य 60 वर्ष से अधिक या 10 वर्ष से कम आयु के हों, एकल निराश्रित अथवा दिव्यांग हितग्राही हों तथा आधार प्रमाणीकरण का प्रयास विफल हो गया हो। ऐसी स्थिति में पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से खाद्यान्न वितरण किया जा सकेगा।कलेक्टर लंगेह ने निर्देश दिए हैं कि आधार प्रमाणीकरण में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या आने पर उचित मूल्य दुकान संचालक तत्काल संबंधित खाद्य निरीक्षक एवं तकनीकी टीम को सूचित करें, ताकि समस्या का शीघ्र निराकरण किया जा सके। नेटवर्क कनेक्टिविटी विहीन उचित मूल्य दुकानों में ही ऑफलाइन वितरण की अनुमति होगी।जिले में ओटीपी के माध्यम से किए जा रहे खाद्यान्न वितरण की विशेष निगरानी की जाएगी। सहायक खाद्य अधिकारी एवं खाद्य निरीक्षक नियमित रूप से उचित मूल्य दुकानों का निरीक्षण करेंगे तथा ओटीपी से वितरण किए गए मामलों का भौतिक सत्यापन करेंगे। प्रत्येक सप्ताह विस्तृत जांच प्रतिवेदन एवं पंचनामा तैयार कर निर्धारित पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विशेष परिस्थितियों को छोड़कर यदि ओटीपी के माध्यम से राशन वितरण किया जाता है तो संबंधित उचित मूल्य दुकान संचालकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही निगरानी में लापरवाही बरतने वाले सहायक खाद्य अधिकारियों एवं खाद्य निरीक्षकों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को शासन के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करते हुए पात्र हितग्राहियों को आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से ही खाद्यान्न वितरण कराने के निर्देश दिए हैं।