विकास नंद/ सर्वव्यापी

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय महासमुंद का औचक निरीक्षण कर न्यायिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने न्यायालय कक्ष, मालखाना, रिकॉर्ड रूम, नजारत, ग्रंथालय, अधिवक्ता कक्ष, डिजिटाइजेशन केंद्र तथा वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर) भवन सहित विभिन्न अनुभागों का अवलोकन किया।निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायाधिपति ने न्यायालयीन कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए परिसर की साफ-सफाई, उद्यानों के रखरखाव और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने न्यायाधीशों को लंबित प्रकरणों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से 10 वर्ष से अधिक पुराने मामलों तथा वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर नियमानुसार निपटारा करने पर जोर दिया।मुख्य न्यायाधिपति ने आम नागरिकों को न्यायालय में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की भी समीक्षा की और न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि राज्य की न्यायिक प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए जिला न्यायालयों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है।उन्होंने 18 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत के संबंध में भी जानकारी ली। इस दौरान परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 (चेक बाउंस) से संबंधित लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए समझौता योग्य प्रकरणों का पक्षकारों की सहमति से शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायाधिपति ने अधिवक्ता संघ की समस्याओं की जानकारी लेकर न्यायिक व्यवस्था को अधिक सुगम एवं प्रभावी बनाने के लिए सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने जिला न्यायालय परिसर स्थित एडीआर भवन में मध्यस्थता कक्ष, एलएडीसीएस कक्ष, पैरालीगल वालंटियर प्रशिक्षण कक्ष तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय का भी निरीक्षण किया। इसके अलावा कुटुंब न्यायालय महासमुंद का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं की भी सराहना की।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिता डहरिया, कुटुंब न्यायालय के न्यायाधीश प्रफुल्ल कुमार सोनवानी, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार सहित न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।


