कोर्ट में चल रहा प्रकरण फिर भी दिव्यांग का प्रशासन ने तोड़ दिया दुकान।

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बिलासपुर/ तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/

जहां एक ओर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार का आयोजन कर लोगों से उनकी समास्याओं और मांगों का निराकरण करने पर जोर दे रहे हैं तो वहीं सुशासन तिहार के प्रथम चरण के बीच ही नगर निगम प्रशासन ने एक दिव्यांग का दुकान को तोड़ दिया। जबकि जिस भूमि पर दुकान संचालित हो रही थी ,उस भूमि का मामला उच्च न्यायालय में चल रहा है। बिलासपुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 07 राधाकृष्णन मंदिर चौक तिफरा निवासी दिव्यांग धन्नू कश्यप पिता स्व केदार नाथ कश्यप ने संभाग आयुक्त,कलेक्टर, निगम आयुक्त बिलासपुर को एक ज्ञापन पत्र सौंप कर बताया कि नगर निगम बिलासपुर द्वारा उनके पैतृक कृषि भूमि पर चल रहे छोटी-सी चाय-नाश्ता दुकान को नियम विरुद्ध तरीके से तोड़ दिया है। जबकि राजस्व अभिलेखों में यह जमीन उनके पूर्वजों एवं पिता के नाम पर दर्ज है। धन्नू कश्यप ने अपने ज्ञापन पत्र में कहा है कि उनके पैतृक कृषि भूमि की शैष भूमि जो कि अधिग्रहण के पश्चात शेष बची जिस पर सन् 1984-85 से इनके पिता केदार नाथ कश्यप एवं खुद छोटी-सी चाय-नाश्ते की होटल संचालित करते रहे । दिव्यांग धन्नू कश्यप ने बताया कि उन्हें दुकान तोड़ने से पहले किसी तरह की सूचना नगर निगम बिलासपुर नहीं दी और वही शासन द्वारा उनके पैतृक कृषि भूमि का अधिग्रहण करने के बाद यहां पर न्यू हाईटेक बस स्टैंड, हाउसिंग बोर्ड द्वारा आवासीय कालोनी अभिलाषा परिसर का निर्माण किया गया है। जिसका अभी तक शासन द्वारा मुआवजा नहीं दिया गया है। वहीं 1984-85 से उनके खुद की पैतृक भूमि पर उक्त दुकान संचालित की जा रही थी लेकिन दिनांक 27 अप्रैल 2025 को विधि विरुद्ध तरीके से तोड़ दिया गया और 28 अप्रैल 2025 को दिव्यांग धन्नू कश्यप के दुकान का सम्पूर्ण सामान को मलबे के साथ नगर निगम बिलासपुर द्वारा जबरदस्ती उठाकर ले गया । इन्होंने अपने चिट्ठी में बताया कि उक्त कृषि भूमि के साथ ही शासन द्वारा किए गए अधिग्रहण कृषि भूमि की मुआवजा को लेकर राज्य सरकार, जिला प्रशासन को बार आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया और सुनवाई नहीं होने पर पूरे मामले को लेकर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में अधिवक्ता विजय के. देशमुख के माध्यम से याचिका दायर की गई ,जिसका याचिका नंबर डब्ल्यू पी (सी) नंबर 2532 आॅफ 2021 बताते हुए सौंपे ज्ञापन पत्र में छायाप्रति संलग्न की गई है। कृषि भूमि,जिस दिव्यांग धन्नू कश्यप पिता केदार नाथ कश्यप अपनी रोजी-रोटी के उद्देश्य से चाय-नाश्ते का छोटी-सी होटल चला रहे थे,उस भूमि को लेकर हाईकोर्ट में प्रकरण चल रही है। वहीं इस मामले पर पूर्व विधायक सियाराम कौशिक ने दिनांक 10/07/2019 को संभाग आयुक्त एवं कलेक्टर बिलासपुर को भी चिट्ठी लिखते हुए उचित कार्रवाई करने की मांग किए थे ,तो वहीं पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू को भी ज्ञापन पत्र सौंपने पर उनके विशेष सहायक रहे कैलाश वर्मा ने अपने पत्र क्रमांक 8674/2020दिनांक 23/01/2020 को कलेक्टर बिलासपुर को ज्ञापन पत्र की मूल प्रति संलग्न करते हुए बिलासपुर कलेक्टर को आवश्यक कार्रवाई करने के दिशा-निर्देश दिए गए थे। परंतु खेद का विषय है कि इस ओर जिला कलेक्टर की बात दूर संभाग आयुक्त ने कोई कार्रवाई नहीं की और आज एक दिव्यांग का खुद की भूमि पर संचालित दुकान को अवैध बताकर नगर निगम ने तोड़ दिया है। वहीं दिव्यांग धन्नू कश्यप ने पूरे दस्तावेजों के साथ नगर निगम प्रशासन तोड़ फोड़ को लेकर शिकायत की है और 15 दिवस के भीतर कोई सुनवाई नहीं होती है तो नगर निगम के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की बात कही गई है। बहरहाल देखना है कि इस पूरे मामले पर नव पदस्थ कलेक्टर संजय अग्रवाल और संभाग आयुक्त सुनील जैन क्या कार्रवाई करते हैं।


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