सरायपाली/ विकास नंद/ सर्वव्यापी/
प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार का आयोजन आमजन की समस्याओं के समाधान करने के मंशा को लेकर समाधान शिविर का आयोजन किया जा रहा जिसमें प्रमुख रूप से लोगों के समस्याओं के निराकरण की मंशा और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार प्रसार तथा धरातल पर सही ढंग से योजनाओं का क्रियान्वयन करना प्रमुख उद्देश्य है परंतु साय सरकार के सुशासन तिहार की मंशा पर गैरजिम्मेदार, निष्क्रिय और लापरवाह अधिकारियों द्वारा पानी फेरने की भरपूर कोशिश की जा रही हैं महासमुंद जिले के एवं खासकर सरायपाली विकास खंड के कुछ अधिकारी सरकार के सुशासन तिहार के अंतर्गत समाधान शिविर कार्यक्रम के महत्व को लेकर गंभीर नहीं उदासीन नज़र आते हैं। सुशासन तिहार के अंतर्गत सरायपाली विकास खंड में दिनांक 15 मई 2025 को ग्राम किसड़ी के स्कूल में सरकार एवं कलेक्टर के निर्देश पर समाधान शिविर आयोजित की गई जिसमें लगभग सभी विभागों के अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे और सभी विभागों द्वारा अलग-अलग स्टाल लगाकर आमजन को सरकार की योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई तथा उनके समस्याओं के निराकरण का प्रयास किया गया। जिसमें मुख्य रुप से जिला एवं जनपद के जनप्रतिनिधि, महिला आयोग की सदस्य , सहित लगभग विकास खंड स्तरीय सभी विभागों के अधिकारी गण भी मौजूद रहें। परंतु शासन द्वारा संचालित समाधान शिविर में कितने हितग्राही लाभान्वित हुए कितने आवेदन प्राप्त हुए कितने आवेदनों का त्वरित निराकरण किया गया इसकी जानकारी उपलब्ध करानें में शायद अधिकारियों को कुछ विशेष दिलचस्पी नहीं है। मिडिया द्वारा जनपद पंचायत सरायपाली द्वारा अधिकृत अधिकारी से इस समाधान शिविर कार्यक्रम के संबंध में जानकारी चाही गई जिसमें उन्होंने जानकारी देने के बजाए अपना पल्ला झाड़ते हुए जनसंपर्क विभाग से जानकारी ले लेनें की बात कही जहां साय सरकार सुशासन तिहार कार्यक्रम के प्रचार प्रसार में कोई कसर नहीं छोड़ रही है ताकि इसके सही जानकारी आमजन तक पहुंच सके तो वहीं जनसंपर्क विभाग के जिला अधिकारी अपने ही दुनिया में मस्त जान पड़ते है ना ही प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हैं और ना जानकारी साझा करते हैं इस तरह की लापरवाही बरतने वाले अधिकारी शायद नहीं चाहते हैं कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सुशासन तिहार के बारे में लोगों को जानकारी मिलें इसलिए इतने महत्वपूर्ण समाधान शिविरों के खबर प्रकाशन और प्रचार में कमी आ रही है और एक बड़ी संख्या सरकार के सुशासन तिहार का लाभ भी नहीं उठा पा रहें हैं और सरकार की योजनाओं से वंचित हो रहें है। उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार के माध्यम से आमजन की समस्याओं से रूबरू होकर जनसंवाद करने एवं समस्याओं का समाधान के उद्देश्य से हर विकास खंड के विभिन्न गांवों में समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है जिसमें समस्त विभागों के अधिकारी और छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं इस तपती धूप में लोगों के पास सीधे संवाद करने पहुंच रहे हैं लेकिन इतने महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का सही ढंग से प्रचार प्रसार नहीं किया जाना सरकार के सुशासन अभियान पर बुरा असर डाल रहा हैं। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री साय कुछ दिन पूर्व महासमुंद पहुंचे थे जिसमें उन्होंने जिले के सभी विभागों के अधिकारियों से शासन द्वारा संचालित फ्लैगशिप योजनाओं का फीडबैक लिया और सुशासन तिहार की समीक्षा की जिसमें निष्क्रियता के चलते जिला शिक्षा अधिकारी पर कार्रवाई भी की इससे ज्ञात होता कि मुख्यमंत्री साय महासमुंद जिले के अधिकारियों के कामकाज से संतुष्ट नहीं हैं। अंतिम छोर पर बसे अंतिम व्यक्ति की समस्या का समाधान करने की मंशा से साय सरकार सुशासन तिहार मना रही हैं जिसे कार्यक्रमों के बारे में आमजन को जानकारी नही मिल पा रही है और सरकार द्वारा चलाए जा रहे सुशासन तिहार अंतर्गत समस्याओ के समाधान का उद्देश्य धरातल पर उतना कारगर साबित नहीं हो पा रहा है। सरकार के इतने महत्वपूर्ण कार्यक्रम में जानबूझकर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर जिला कलेक्टर कब और क्या कारवाई करते हैं.. या नहीं अब यह देखना हैं।