प्राचार्य संघ की बैठक में बीईओ को हटाने की मांग, गंभीर आरोपों पर हुई चर्चा।

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छायाकांत भट्ट ।

विकासखंड सरायपाली के प्राचार्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक शहर के एक होटल में आयोजित की गई, जिसमें विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) के खिलाफ गंभीर आरोपों के साथ उन्हें हटाने की मांग को लेकर गहन चर्चा हुई। बैठक में बीईओ पर पद के दुरुपयोग, आर्थिक अनियमितता और अयोग्यता जैसे कई आरोप लगाए गए। प्राचार्य संघ ने मांग की है कि अयोग्य बीईओ को हटाकर योग्य और वरिष्ठ प्राचार्य को यह दायित्व सौंपा जाए।

बैठक में उपस्थित प्राचार्यों ने तीन प्रमुख बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया। पहला, विकासखंड शिक्षा अधिकारी के पद के लिए वरिष्ठ प्राचार्य की नियुक्ति अनिवार्य है, लेकिन वर्तमान बीईओ प्रकाश मांझी कनिष्ठ व्याख्याता हैं। इसके बावजूद वे कई वर्षों से इस पद पर बने हुए हैं, जो नियमों का उल्लंघन है। प्राचार्य संघ ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए बीईओ को तत्काल हटाने की मांग की। दूसरा, बीईओ पर बिजली बिल भुगतान, अवकाश नगदीकरण, शौचालय निर्माण जैसे मामलों में आर्थिक अनियमितता के आरोप लगे हैं। इन मामलों में विभागीय जांच लंबित है, जिससे शिक्षा विभाग और सरकार की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। तीसरा, बीईओ द्वारा अपने पद का दुरुपयोग कर अपने परिवार के सदस्यों को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप भी सामने आया।बैठक में यह तथ्य उजागर हुआ कि बीईओ प्रकाश मांझी के छोटे भाई प्रभात मांझी, जो अन्य स्कूलों में कार्यरत हैं, को उनके गृह क्षेत्र के नजदीकी संकुल में समन्वयक के रूप में प्रस्तावित कर नियुक्त किया गया। इसी तरह, उनकी पत्नी सुषमा मांझी, जो महलपारा में प्रधान पाठक के पद पर कार्यरत हैं, को बिना उचित प्रक्रिया के हॉस्टल संचालक बनाया गया। प्राचार्य संघ ने इन नियुक्तियों को नियमों के खिलाफ और पक्षपातपूर्ण बताया। प्राचार्य संघ और सरायपाली शिक्षक साझा मंच ने अलग- अलग बैठक रखकर बीईओ के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए भविष्य में संयुक्त संचालक कार्यालय में शिकायत दर्ज करने का निर्णय लिया। प्राचार्यों ने कहा कि बीईओ की अनियमितताओं के कारण न केवल शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि विकासखंड के स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों का मनोबल भी कम हो रहा है। उन्होंने मांग की कि शीघ्र ही योग्य और अनुभवी व्यक्ति को बीईओ के पद पर नियुक्त किया जाए ताकि शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके।बैठक में आर.के. भोई, जितेंद्र बुड़ेक, भोगसिंह भोई, रूपानंद पटेल, एवं शिक्षक साझा मंच से लव कुमार पटेल, अनिल प्रधान, ललित साहू, मनोज राय, जयंत बारीक, भोजराज पटेल, चंद्रहास पात्र सहित कई शिक्षक उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में बीईओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग को समर्थन दिया और इस मुद्दे को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का संकल्प लिया। प्राचार्य संघ ने स्पष्ट किया कि वे शिक्षा विभाग की छवि को साफ-सुथरा रखने और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उक्त जानकारी रूपानंद पटेल ने दी।


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