सहभागिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता से ही सुशासन संभव : डॉ. संजय अलंग।

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तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/

राज्य शासन के निर्देशानुसार 19 से 25 दिसंबर 2025 तक मनाए जा रहे सुशासन सप्ताह के अंतर्गत आज जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में जिला स्तरीय नवाचार कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी डॉ. संजय अलंग मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. संजय अलंग ने कहा कि सुशासन का मूल सिद्धांत दो बातों निषेध और वंचना पर आधारित होता है। जितना अधिक अनावश्यक निषेधों को कम किया जाएगा और वंचनाओं को दूर किया जाएगा, उतना ही समाज में संतोष और खुशहाली आएगी। उन्होंने कहा कि यही वास्तविक सुशासन है। डॉ. अलंग ने आगे कहा कि सुशासन केवल नियमों और आदेशों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि वह सहभागितापूर्ण, जवाबदेह और संवेदनशील होना चाहिए। प्रशासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक उनका लाभ सुनिश्चित करना होना चाहिए। जब प्रशासन और समाज मिलकर कार्य करते हैं, तभी सुशासन की अवधारणा सार्थक होती है। उन्होंने सुशासन के 8 नियमों का पालन करते हुए अधिकारियों से अपने दायित्वों का निर्वहन करने की बात कही जिससे विकास के लक्ष्य पूरे हो और समाज के सभी वर्गाें का विकास हो।

इस अवसर पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि डॉ. संजय अलंग एक संवेदनशील और अनुभवी अधिकारी हैं। उनके प्रशासनिक अनुभव से जिले के अधिकारियों को मार्गदर्शन मिलेगा। कलेक्टर ने जिले में सुशासन के अंतर्गत किए जा रहे नवाचारों की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस विभाग द्वारा “चेतना” अभियान चलाया जा रहा है, जिसके माध्यम से नशे के विरुद्ध लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षा विभाग की स्मार्ट क्लास, उद्यानिकी विभाग सहित अन्य नवाचारों पर भी प्रकाश डाला तथा जिले के विकास हेतु प्रस्तावित कार्यक्रम साझा किए। कलेक्टर ने कहा कि जिले के सभी अधिकारी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहे हैं तथा गांव-गांव में सुशासन सप्ताह के तहत समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कानून व्यवस्था, जनभागीदारी और कम्यूनिटी पुलिसिंग के महत्व पर अपने विचार रखें। उन्होंने कहा कि उन्हें डॉ. अलंग जैसे अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी के मार्गदर्शन में कार्य करने का अवसर मिला है जो उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि बेहतर कानून व्यवस्था के लिए जनभागीदारी आवश्यक है। जिले में कम्यूनिटी पुलिसिंग कार्यक्रम “चेतना” के माध्यम से नशा उन्मूलन, साइबर फ्रॉड और महिला सुरक्षा जैसे विषयों पर जनता को जागरूक किया जा रहा है, जिससे पुलिस और नागरिकों के बीच विश्वास बढ़ा है।

इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत संदीप अग्रवाल ने बताया कि जिले में जल संरक्षण के क्षेत्र में कलेक्टर संजय अग्रवाल के मार्गदर्शन में किए गए नवाचारों के लिए जिले को सम्मान प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि सतत विकास के लिए जल संरक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है। डॉ. संजय अलंग ने इस दौरान अधिकारियों की जिज्ञासाओं को भी शांत किया। कार्यक्रम में नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे, एडीएम शिवकुमार बनर्जी, अपर कलेक्टर ज्योति पटेल सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।


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