तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/
नए साल से ठीक पहले छत्तीसगढ़ की राजनीति में बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक फैसला होने की संभावना है। 31 दिसंबर को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बैठक में लंबे समय से प्रतीक्षित संसदीय सचिवों की नियुक्ति के साथ-साथ शेष बचे निगम, मंडल, आयोग और बोर्डों में पदस्थापना पर अंतिम मुहर लग सकती है।सूत्रों के अनुसार, विधानसभा चुनाव के बाद सरकार गठन को दो वर्ष होने को है, लेकिन अब तक कई निगम-मंडल और आयोग बिना अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के संचालित हो रहे हैं। वहीं, संगठन और सरकार के बीच समन्वय के लिए संसदीय सचिवों की नियुक्ति को भी जरूरी माना जा रहा है। ऐसे में 31 दिसंबर की कैबिनेट बैठक को सत्ता और संगठन दोनों के लिहाज से निर्णायक माना जा रहा है।बताया जा रहा है कि भाजपा संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं, चुनाव में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए नामों का पैनल लगभग तैयार कर लिया गया है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद कभी भी नियुक्तियों की आधिकारिक घोषणा की जा सकती है। इससे नाराज चल रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं में भी नई ऊर्जा का संचार होने की उम्मीद जताई जा रही है।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि इस बैठक में नियुक्तियों पर मुहर लगती हैं तो निगम-मंडल और आयोगों में नियुक्ति से सरकार को जमीनी स्तर पर पकड़ मजबूत करने में मदद मिलेगी।अब सभी की निगाहें 31 दिसंबर की विष्णु कैबिनेट बैठक पर टिकी हैं, क्या नए साल से पहले सत्ता का यह बड़ा अध्याय खुलेगा या फिर फैसला एक बार फिर टल जाएगा, इसका जवाब कैबिनेट बैठक के बाद ही सामने आएगी।