विकास नंद/ सर्वव्यापी/

छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता, भारत रत्न श्रद्धेय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की 101वीं जयंती के अवसर पर घंटेश्वरी मंदिर के पास स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने अटल जी के राष्ट्रनिर्माण में दिए गए अमूल्य योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया।इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के ऐसे युगपुरुष थे, जिनकी वाणी में ओज, विचारों में स्पष्टता और निर्णयों में राष्ट्रहित सर्वोपरि रहता था। उन्होंने सुशासन, लोकतांत्रिक मूल्यों और विकास की मजबूत नींव रखकर देश को नई दिशा दी। आज हम अपने पते पर ‘छत्तीसगढ़’ लिख पा रहे हैं, तो यह केवल अटल जी की दूरदर्शिता और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम है।वक्ताओं ने अटल जी के उस ऐतिहासिक वचन को भी स्मरण किया, जिसमें उन्होंने छत्तीसगढ़वासियों से कहा था कि यदि वे उन्हें 11 सांसद जिताकर देंगे तो वे मध्यप्रदेश से अलग कर नया छत्तीसगढ़ राज्य बनाएंगे। भले ही 11 के स्थान पर 9 सांसद ही चुने जा सके, लेकिन अटल जी अपने वादे पर अटल रहे और छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का दर्जा दिलाया। उन्होंने यह जानते हुए भी कि नए राज्य में कांग्रेस की सरकार बनेगी, राष्ट्र और क्षेत्र के हित को सर्वोपरि रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य का गठन किया, जिसके प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी बने।कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि अटल जी ने सदा सुचिता और समता का जीवन जिया। केंद्र में विपक्ष में रहते हुए भी उन्होंने कांग्रेस सरकार द्वारा देशहित में लिए गए निर्णयों का समर्थन किया। उनका कुशल, दूरदर्शी नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण सदैव देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा।
इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राज्य महिला आयोग की सदस्य सरला कोसरिया, नगर पालिका अध्यक्ष सरस्वती पटेल, रामलाल चौहान, बिपीन उपोवेजा, राजेन्द्र नायक, चंद्रकुमार पटेल, गुंजन अग्रवाल, पुष्पलता चौहान, प्रमोद सागर, सीता सतपथी, तारेश्वरी नायक, विदित धनानिया, लोकनाथ बारी, धर्मेन्द्र सिंह ठाकुर, हेमंत प्रधान, प्रखर अग्रवाल, मनोज दास, गजेंद्र ठाकुर, किशन जायसवाल, मनोज आदित्य, आशीष सेन, बिपीन गढ़तिया, मनोज अग्रवाल, शिवा जायसवाल, युगांत मिरी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।