तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ प्रशासन के शीर्ष पर बैठे मुख्य सचिव विकास शील की कार्यप्रणाली आज केवल फाइलों और आदेशों तक सीमित नहीं है, बल्कि उसका सीधा संबंध आम नागरिक की रोजमर्रा की समस्याओं से जुड़ता दिखाई देता है। प्रशासन को जनता से जोड़ना उनकी प्राथमिक सोच का केंद्र है और इसी दृष्टिकोण के तहत वे यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि शासन की योजनाएं काग़ज़ों से निकलकर ज़मीन पर प्रभावी रूप से दिखाई दें।विकास शील का स्पष्ट मानना है कि यदि प्रशासन जनता की आवाज़ नहीं सुनेगा, तो शासन पर भरोसा कमजोर पड़ेगा। इसी कारण वे शिकायत निवारण को औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारी के रूप में देखते हैं। जिलों से लेकर सचिवालय तक यह संदेश स्पष्ट है कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।मुख्य सचिव के नेतृत्व में प्रशासनिक तंत्र में जवाबदेही को लेकर नई गंभीरता दिखाई दे रही है। लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा, अधिकारियों से सीधी जवाब-तलबी और लापरवाही पर स्पष्ट कार्रवाई का संकेत यह दर्शाता है कि अब टालमटोल की संस्कृति को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इससे न केवल सिस्टम में अनुशासन बढ़ा है, बल्कि आम नागरिक को भी यह भरोसा मिला है कि उसकी शिकायत बेकार नहीं जाएगी।विकास शील की कार्यशैली में अनुशासन के साथ-साथ संवेदनशीलता भी साफ झलकती है। वे नियमों के पालन में कठोर हैं, लेकिन जनता से जुड़े मामलों में मानवीय दृष्टिकोण को सर्वोपरि मानते हैं। उनका मानना है कि प्रशासन का उद्देश्य केवल नियम लागू करना नहीं, बल्कि उन नियमों की आत्मा के अनुसार नागरिकों को राहत पहुंचाना है।केवल सचिवालय में बैठकर निर्णय लेने के बजाय फील्ड से मिलने वाली वास्तविक स्थिति पर भरोसा करना भी उनकी प्रशासनिक पहचान बन चुकी है। जिलों से आने वाली रिपोर्ट, फीडबैक और योजनाओं की जमीनी समीक्षा के आधार पर लिए गए फैसले प्रशासन को अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बना रहे हैं। इससे योजनाओं की वास्तविक प्रगति सामने आती है और सुधार की गुंजाइश भी स्पष्ट होती है।डिजिटल माध्यमों के उपयोग को बढ़ावा देकर प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पारदर्शी और सरल बनाना भी मुख्य सचिव की प्राथमिकताओं में शामिल है। इससे न केवल कामकाज की गति तेज हुई है, बल्कि भ्रष्टाचार की संभावनाओं पर भी अंकुश लगा है। आम नागरिक को यह अनुभव हो रहा है कि प्रशासन अब उसकी पहुंच से दूर नहीं रहा।विकास शील प्रशासन को अफसरशाही की छवि से बाहर निकालकर सेवा तंत्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। उनका स्पष्ट संदेश है कि सत्ता का असली उद्देश्य जनता की सेवा है और प्रशासन की सफलता का पैमाना जनता का संतोष होना चाहिए, न कि केवल आंकड़ों की पूर्ति।आज जब शासन-प्रशासन पर जनता का भरोसा एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, ऐसे समय में मुख्य सचिव विकास शील की कार्यशैली छत्तीसगढ़ प्रशासन को स्थिरता, पारदर्शिता और भरोसे की दिशा में आगे ले जाती दिखाई देती है। उनका नेतृत्व यह साबित करता है कि यदि शीर्ष स्तर पर सोच स्पष्ट और नीयत मजबूत हो, तो पूरा सिस्टम जनता के पक्ष में खड़ा हो सकता है।