नूर मोहम्मद/ गौरेला पेंड्रा मरवाही/(सर्वव्यापी)
स्थानीय रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा देने जिला प्रशासन द्वारा बनमनई इको केअर फाउंडेशन के सहयोग से जिले में पर्यटन विकास और स्थानीय समुदायों को आत्मनिर्भर बनाने विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को पर्यटन स्थल ठाड़ पथरा के मड हाउस में कैंपिंग और बोटिंग का आयोजन किया गया।कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने जंगल के बीच पैदल ट्रैकिंग की और क्षेत्र के विशाल मदर ट्री के दर्शन किए। पर्यावरणविद संजय पयासी ने इस दौरान लोगों को स्थानीय जैव विविधता, दुर्लभ तितलियों और स्थानीय पक्षियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र वहां आए शीतकालीन प्रवासी पक्षी रहे, जिन्हें देखकर प्रकृति प्रेमी रोमांचित हो उठे।
अतिथियों ने खंजन पक्षी,कॉमन केस्ट्रल सहित अन्य स्थानीय पक्षियों के बारे में जाना। अतिथियों ने अमरावती उद्गम, माई का मंडप और दुर्गाधारा में भी ट्रेकिंग की। लोगों ने रात के समय तारों से भरे आसमान के नीचे स्थानीय सरोवर में बोटिंग की। शांत जल और आकाश में चमकते सितारों के बीच नौका विहार ने आगंतुकों को एक यादगार अनुभव प्रदान किया। इसके बाद अलाव (बोन फायर) के चारों ओर बैठकर स्थानीय किस्सों और संस्कृति को साझा किया गया।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भोजन की व्यवस्था पूरी तरह पारंपरिक रखी गई थी। पर्यटकों ने मिट्टी के चूल्हे में लकड़ी की आंच पर पका हुआ गरमा-गरम स्थानीय भोजन खाया। चूल्हे के धुएँ और लकड़ी की आंच से तैयार इस भोजन के स्वाद ने सभी का मन मोह लिया और लोगों को छत्तीसगढ़ की पारंपरिक जीवनशैली से परिचित कराया। बनमनई इको केअर फाउंडेशन के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम से स्थानीय ग्रामीणों को गाइड, स्टोरी टेलिंग और खान-पान सेवा के जरिए रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया गया, ताकि पर्यटन विकास का लाभ सीधे तौर पर स्थानीय समुदाय को मिल सके।