तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/
हमारे छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा तथा श्री हनुमान व्यायाम प्रसारक मंडल, अमरावती द्वारा संचालित डिग्री कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन, अमरावती के बीच शैक्षणिक एवं अकादमिक सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शुक्रवार, 26 दिसंबर को वर्धा में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता दोनों संस्थानों के बीच शिक्षा, शोध, प्रशिक्षण एवं खेल विज्ञान के क्षेत्र में परस्पर सहयोग की दिशा में एक सार्थक पहल माना जा रहा है।समझौता ज्ञापन पर महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा की ओर से विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर कुमुद शर्मा की विशेष उपस्थिति में विश्वविद्यालय के कुलसचिव कादर नवाज खान ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर सहायक प्राध्यापक डॉ. अनिकेत आंबेकर, सहायक कुलसचिव राजेश अरोड़ा तथा विश्वविद्यालय के शिष्टाचार अधिकारी राजेश कुमार यादव उपस्थित थे। वहीं अमरावती स्थित डिग्री कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन की ओर से प्राचार्य डॉ. श्रीनिवास देशपांडे ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। उनके साथ हनुमान व्यायाम प्रसारक मंडल, अमरावती की सचिव डॉ. माधुरी चेंडके तथा सहायक प्राध्यापक एवं अनुबंध समन्वयक डॉ. विजय पांडे भी कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मौजूद रहे।इस अवसर पर कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने कहा कि यह समझौता ज्ञापन दोनों संस्थानों के छात्रों और शिक्षकों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। उन्होंने कहा कि शारीरिक शिक्षा, खेल विज्ञान, योग, स्वास्थ्य एवं समग्र व्यक्तित्व विकास के क्षेत्रों में संयुक्त कार्यक्रम, कार्यशालाएं, सेमिनार, शोध परियोजनाएं और प्रशिक्षण गतिविधियां आयोजित की जा सकेंगी। इससे विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त होगा।प्राचार्य डॉ. श्रीनिवास देशपांडे ने समझौते को दोनों संस्थानों के लिए लाभकारी बताते हुए कहा कि महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के साथ यह सहयोग शैक्षणिक गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संयुक्त प्रयासों से शोध एवं नवाचार को बढ़ावा मिलेगा तथा विद्यार्थियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में सहायता मिलेगी।समझौता ज्ञापन के अंतर्गत शिक्षक एवं विद्यार्थी आदान-प्रदान, संयुक्त शोध प्रकाशन, पाठ्यक्रम विकास, खेल एवं शारीरिक शिक्षा से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम, योग एवं स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियां तथा सामुदायिक विकास से संबंधित कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाएगी। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अधिकारियों ने इस सहयोग को दीर्घकालिक एवं परिणामोन्मुखी बनाने के लिए सतत संवाद और समन्वय पर बल दिया।यह समझौता शैक्षणिक सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे दोनों संस्थानों की अकादमिक पहचान और सामाजिक दायित्व को नई मजबूती मिलेगी।