तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ की पावन, ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक नगरी रतनपुर में रेन सिन कान सी–5 कराटे फेस्ट का भव्य, अनुशासित और अत्यंत गरिमामय आयोजन सफलता के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन रेन सिन कान कराटे छत्तीसगढ़ एवं वर्सेटाइल मार्शल आर्ट्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में माँ महामाया मंदिर परिसर के विशाल प्रांगण में आयोजित किया गया, जिसने खेल, संस्कार और संस्कृति का अद्भुत समन्वय प्रस्तुत किया।प्रदेश अध्यक्ष सेनसेई रमाकांत एस. मिश्र एवं महासचिव अखिलेश कुमार आदित्य ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि इस राज्य स्तरीय महोत्सव में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आई टीमों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतियोगिता में जांजगीर जिला प्रथम, मानपुर–मोहला द्वितीय, जांजगीर जिले की दूसरी टीम तृतीय, रायपुर चतुर्थ, मुंगेली पंचम, राजनांदगांव–मानपुर मोहला षष्ठ, मुंगेली की दूसरी टीम सप्तम, सुकमा अष्टम, तिल्दा (रायपुर) नवम, गरियाबंद दशम तथा सक्ति जिला एकादश स्थान पर रहा। इसके अतिरिक्त लगभग दस अन्य टीमों ने भी सराहनीय प्रदर्शन किया।इस महोत्सव की विशेषता यह रही कि इसमें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक उपस्थित रहे, जिनकी उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और अधिक ऊँचाई प्रदान की।रेफरी सेमिनार से टूर्नामेंट तक : अनुशासन की पाठशालाप्रतियोगिता के प्रथम दिवस लखनी देवी मंदिर प्रांगण में राज्य स्तरीय रेफरी सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें नेशनल रेफरी सेनसेई अखिलेश कुमार आदित्य द्वारा तकनीकी एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस दौरान सावित्री ध्रुवे, योगिता शर्मा, अनुराधा गिरी, चंद्रदेव सिंह, कीर्ति शाह मांडवी, गुंजा धीवर, प्रियंका डहरिया, कल्पना गेद्रे, अश्विनी ध्रुव, लक्ष्मी बरेठ, कुंती पाल, अमृता शर्मा, चैतराम साहू, आस्था तिवारी सहित अनेक प्रतिभागियों ने सफलतापूर्वक रेफरीशिप परीक्षा उत्तीर्ण की।द्वितीय दिवस राज्य स्तरीय कराटे टूर्नामेंट को समर्पित रहा, जिसमें विभिन्न वजन वर्गों में खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट तकनीक, अनुशासन और खेल भावना का परिचय देते हुए स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक अर्जित किए।तृतीय दिवस भव्य समापन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें सभी प्रशिक्षकों एवं खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र, मेडल एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। भाग लेने वाली प्रत्येक टीम के प्रशिक्षकों को टीम ट्रॉफी, मेडल, ट्रैकसूट, टी-शर्ट, फोटो फ्रेम युक्त अवार्ड, शाल, श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट किए गए। साथ ही सभी कोचों को रिटर्न गिफ्ट एवं सभी प्रतिभागियों को मोमेंटो प्रदान किया गया।अतिथियों की गरिमामयी उपस्थितिसमापन अवसर पर मुख्य अतिथि मोहन अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि रविंद्र वैष्णव (मंत्री प्रतिनिधि, खेल एवं युवक कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन) तथा कार्यक्रम अध्यक्ष शिव मोहन बघेल (सोशल एक्टिविस्ट एवं मीडिया ब्यूरो प्रमुख) की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों ने विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।खेल के साथ पर्यटन एवं संस्कारइस आयोजन की एक ऐतिहासिक उपलब्धि यह रही कि प्रतिभागी बच्चों को प्रतियोगिता के साथ-साथ पर्वतारोहण, ट्रैकिंग, कैंपिंग एवं पर्यटन दर्शन का भी अवसर प्रदान किया गया। बच्चों ने गज किला, काल भैरव बाबा, माँ महामाया देवी, कंठी देवल मंदिर, पंचमुखी शिव मंदिर, राम टेकरी, लखनी देवी मंदिर, गिरजा वन हनुमान मंदिर एवं रानी का बगीचा जैसे महत्वपूर्ण स्थलों का दर्शन कर सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक चेतना का अनुभव प्राप्त किया। पूरे छत्तीसगढ़ में यह पहली बार हुआ, जब एक ही खेल प्रतियोगिता के दौरान इतनी विविध गतिविधियों में बच्चों की सहभागिता सुनिश्चित की गई।‘पुरखा के सुरता सम्मान’ से प्रशिक्षकों का अभिनंदनइस अवसर पर शहीद वीर नारायण सिंह एवं संत गुरु घासीदास जी महाराज की स्मृति में ‘पुरखा के सुरता सम्मान’ (राज्य स्तरीय) प्रदान किया गया। इस सम्मान से अखिलेश कुमार आदित्य (जांजगीर), उपेंद्र प्रधान (महासमुंद), कुमारी मीरा पंडा (महासमुंद), धनीराम निराला (सारंगढ़), धनुरजय चौधरी (रायगढ़), सावित्री ध्रुवे (मानपुर–मोहला), योगिता शर्मा (चांपा), अनुराधा गिरी (तिल्दा), चंद्रदेव सिंह (मुंगेली), कीर्ति शाह मांडवी (मानपुर–मोहला), गुंजा धीवर (सुकमा), प्रियंका डहरिया (खरोरा), जैस्मिन कोसले (खरोरा), कल्पना गेद्रे (खरोरा), अश्विनी ध्रुव (गरियाबंद), लक्ष्मी बरेठ (सक्ति), कुंती पाल (तिल्दा), अमृता शर्मा (जांजगीर), चैतराम साहू (सरगांव) एवं आस्था तिवारी (पामगढ़) को सम्मानित किया गया।रेन सिन कान सी–5 कराटे फेस्ट न केवल एक खेल प्रतियोगिता रहा, बल्कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति में अनुशासन, आत्मविश्वास, सांस्कृतिक चेतना एवं राष्ट्रीय एकता के बीज बोने वाला एक ऐतिहासिक अध्याय बनकर उभरा।आयोजन समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि रेन सिन कान सी–5 कराटे फेस्ट की ऐतिहासिक सफलता के पीछे छत्तीसगढ़ के समर्पित प्रशिक्षकों का अथक परिश्रम, अनुशासन और निःस्वार्थ सेवा प्रमुख कारण रही। विशेष रूप से अखिलेश कुमार आदित्य (जांजगीर), उपेंद्र प्रधान (महासमुंद), कुमारी मीरा पंडा (महासमुंद), धनीराम निराला (सारंगढ़), धनुरजय चौधरी (रायगढ़), सावित्री ध्रुवे (मानपुर–मोहला), योगिता शर्मा (चांपा), अनुराधा गिरी (तिल्दा), चंद्रदेव सिंह (मुंगेली), कीर्ति शाह मांडवी (मानपुर–मोहला), गुंजा धीवर (सुकमा), प्रियंका डहरिया (खरोरा), जैस्मिन कोसले (खरोरा), कल्पना गेद्रे (खरोरा), अश्विनी ध्रुव (गरियाबंद), लक्ष्मी बरेठ (सक्ति), कुंती पाल (तिल्दा), अमृता शर्मा (जांजगीर), चैतराम साहू (सरगांव) एवं आस्था तिवारी (पामगढ़) जैसे प्रशिक्षकों के समर्पण और नेतृत्व के कारण यह आयोजन पूर्णतः सफल एवं स्मरणीय बन सका।इसके साथ ही आयोजन को सुव्यवस्थित एवं अनुशासित रूप प्रदान करने में अभिषेक पाटले एवं समर शास्त्री द्वारा निभाई गई स्वैच्छिक (वॉलंटरी) भूमिका अत्यंत प्रशंसनीय रही, जिनका योगदान आयोजन की रीढ़ सिद्ध हुआ। वहीं तखतपुर के प्रशिक्षक राज कपूर गेदारे तथा खेलो ताइक्वांडो यूथ स्पोर्ट्स फेडरेशन के राष्ट्रीय महासचिव गणेश सागर द्वारा बच्चों के लिए खेल मैट उपलब्ध कराना आयोजन के प्रति उनकी खेल-भावना, सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व का सशक्त उदाहरण रहा।