तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय आकार लेता दिख रहा है। लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ में वर्तमान में उप संचालक के पद पर पदस्थ आशुतोष चावरे, जो जनवरी माह में सेवानिवृत्त हो रहे हैं, उन्हें स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव का विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी नियुक्त किए जाने की तैयारी है। यह पदस्थापना संविदा आधार पर प्रस्तावित है।लोक शिक्षण संचालनालय जैसे संवेदनशील और नीति-क्रियान्वयन से जुड़े संस्थान में उप संचालक के रूप में कार्य करते हुए आशुतोष चावरे ने प्रशासनिक दक्षता, सौम्य व्यवहार और परिणामोन्मुखी कार्यशैली से विभाग में एक अलग पहचान बनाई है। शिक्षा से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय और मैदानी स्तर की समस्याओं की समझ उनके अनुभव का मजबूत पक्ष मानी जाती है।विभागीय सूत्रों के अनुसार, स्कूल शिक्षा विभाग इस समय नई शिक्षा नीति, शिक्षकों की पदस्थापना, युक्तियुक्तकरण और शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णायक दौर में है। ऐसे में मंत्री के साथ ओएसडी के रूप में एक ऐसे अधिकारी की आवश्यकता है, जो विभागीय संरचना, प्रक्रियाओं और व्यवहारिक चुनौतियों को गहराई से समझता हो। इस दृष्टि से लोक शिक्षण संचालनालय में उप संचालक के रूप में कार्य कर चुके आशुतोष चावरे का अनुभव विभाग के लिए उपयोगी माना जा रहा है।हालांकि, सेवानिवृत्ति के बाद संविदा नियुक्ति को लेकर प्रशासनिक हलकों में मिश्रित प्रतिक्रिया भी है। कुछ इसे अनुभव का सदुपयोग मान रहे हैं, तो कुछ इसे अवसरों के वितरण से जोड़कर देख रहे हैं। बावजूद इसके, समर्थकों का कहना है कि ओएसडी जैसे विश्वास आधारित पद पर अनुभव और कार्यशैली निर्णायक होती है।कुल मिलाकर, यह प्रस्तावित नियुक्ति स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव की उस कार्यशैली को रेखांकित करती है, जिसमें अनुभव, निरंतरता और दक्ष प्रशासन को प्राथमिकता दी जा रही है। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि औपचारिक आदेश जारी होने के बाद आशुतोष चावरे की भूमिका स्कूल शिक्षा विभाग को किस दिशा में आगे बढ़ाती है।