नूर मोहम्मद/गौरेला–पेंड्रा–मरवाही (सर्वव्यापी)

खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 के अंतर्गत मरवाही विकासखंड के देवरीकलां धान उपार्जन केंद्र में धान उठाव की प्रक्रिया में हो रही गंभीर देरी अब किसानों के लिए संकट का कारण बनती जा रही है। समय पर धान का उठाव नहीं होने से केंद्र की भंडारण क्षमता पूरी तरह भर चुकी है, जिससे आगामी धान खरीदी प्रभावित होने की आशंका गहराने लगी है।आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित देवरीकलां ने इस संबंध में जिला विपणन अधिकारी को पत्र लिखकर स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया है। समिति ने चेताया है कि यदि शीघ्र ही मिल डिलीवरी ऑर्डर (डी.ओ.) एवं संग्रहण केंद्र ट्रांसपोर्ट ऑर्डर (टी.ओ.) जारी नहीं किए गए, तो धान खरीदी कार्य बाधित हो सकता है।समिति के अनुसार अब तक उपार्जन केंद्र में कुल 38,498.80 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी है, जो केंद्र की निर्धारित बफर क्षमता से कई गुना अधिक है। उठाव नहीं होने के कारण धान को ओपन स्टैकिंग में रखना पड़ रहा है, जिससे धान की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ-साथ नुकसान की आशंका भी बनी हुई है।धान का समय पर उठाव नहीं होने से केंद्र में नए किसानों की उपज रखने की जगह नहीं बची है। ऐसे में दूर-दराज़ के गांवों से आने वाले किसानों को खरीदी रुकने की स्थिति में बार-बार लौटना पड़ सकता है, जिससे उन्हें अतिरिक्त खर्च, समय की बर्बादी और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।समिति प्रबंधन ने बताया कि आगामी दिनों की धान खरीदी के लिए फिलहाल फड़ की भी कोई व्यवस्था नहीं है। यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो किसानों को उनकी उपज का समय पर भुगतान मिलना भी कठिन हो सकता है। पहले से ही कर्ज और बढ़ती लागत के दबाव में चल रहे किसानों के लिए यह स्थिति बेहद गंभीर साबित हो सकती है।समिति ने प्रशासन से मांग की है कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए तत्काल मिल डी.ओ. एवं संग्रहण केंद्र टी.ओ. जारी कर धान का नियमित उठाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि खरीदी प्रक्रिया सुचारु बनी रहे और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।इस गंभीर स्थिति की जानकारी कलेक्टर (खाद्य शाखा), सहायक पंजीयक, सहायक आयुक्त सहकारिता एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक को भी पत्र के माध्यम से दे दी गई है।