शिक्षक सम्मेलन संपन्न, मुख्य अतिथि के समक्ष नामदेव ने रखा अपना विचार।

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तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/

छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ का प्रांतीय शिक्षक सम्मेलन एवं शैक्षिक संगोष्ठी रायगढ़ में 3 जनवरी एवं 4 जनवरी को शिक्षक संघ के चार पुरुषार्थों राष्ट्रीय हित, शिक्षा हित, शिक्षार्थी हित एवं शिक्षक हित की गौरवशाली परंपरा को आगे रखते हुए नगर निगम ऑडिटोरियम रायगढ़ में संपन्न हुआ । कार्यक्रम के प्रथम दिवस मां भारती की पूजा अर्चना, दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का प्रारंभ हुआ। उद्घाटन सत्र में नारायण नामदेव पालक अधिकारी शिक्षा एवं सह प्रांत प्रचारक राष्ट्रीय सेवक संघ छत्तीसगढ़ ने अपने विस्तृत विचार रखे । इस सत्र के प्रभारी कार्यकारी प्रांत अध्यक्ष उमेश भारती गोस्वामी जी रहे। द्वितीय सत्र के प्रभारी डॉक्टर अशोक कुमार गुप्ता प्रांतीय उपाध्यक्ष ने खुला मंच सत्र में विभिन्न जिले के शिक्षक प्रतिनिधियों के विचार आमंत्रित किये। जिसमें विभिन्न जिलों के 22 प्रतिनिधियों ने अपने-अपने विचार रखें। बिलासपुर जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए शिवशंकर नामदेव ने सात बिंदुओं में अपने विचार रखे। इसके पश्चात तृतीय सत्र में महासभा की बैठक की गई, महासभा के सदस्यों ने शिक्षक संघ के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की । शिक्षक सम्मेलन के दूसरे दिन सत्र प्रभारी एवं शिक्षक संघ के प्रांत अध्यक्ष संजय ठाकुर रहे। जिसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, शिक्षक प्रशिक्षण, राष्ट्रीय चेतना एवं समावेशी समाज की दिशा पर व्याख्यान आलोक शर्मा सेवानिवृत्ति प्राध्यापक शिक्षा महाविद्यालय रायपुर तथा अनिल पर प्राचार्य डाइट धर्म जयगढ़ ने अपने विचार रखें । समापन सत्र के मुख्य अतिथि ओपी चौधरी वित्त मंत्री का बहुत गर्म जोशी से स्वागत किया गया। प्रांतीय संगठन मंत्री एवं पूर्व प्रांत अध्यक्ष ओंकार सिंह ठाकुर ने उनका स्वागत करते हुए शैक्षिक संगोष्ठी से प्राप्त निष्कर्ष को मांग पत्र के रूप में मुख्य अतिथि वित्त मंत्री श्री चौधरी को सौंपा। माननीय मुख्य अतिथि ने उन बिंदुओं पर चर्चा करते हुए विश्वास दिलाया कि उसे कैबिनेट की बैठक में रखेंगे । बिलासपुर जिला से अनिल गौराहा, संतोष तिवारी, राजेंद्र कुमार श्रीवास, डॉ एम एल पटेल, डॉ ए के गुप्ता, शिवशंकर नामदेव ,सुरेंद्र दुबे, वेद प्रकाश साहू, नीलकंठ वर्मा, वीणा तिवारी, वनमाला तिवारी, रश्मि द्विवेदी, ईश्वर तिवारी, सूर्यकांत शर्मा, रमेश तिवारी ,जी एस ध्रुव, डॉ रामबाबू गुप्ता, कुंज राम ध्रुव, दिनेश चंद साहू ,लोचन सिंह, संजय सिंह, संतोष पोर्टे, शिवकुमार श्रीवास, रामेश्वर राठौड़, गजाधर सिंह कंवर, जगदीश साहू ,अनिल श्रीवास, रजनीकांत पटेल ,छेदीलाल श्रीवास, जितेंद्र भानु, प्रमोद पटेल, तुलाराम साहू ,ओम प्रकाश श्रीवास, आदि सहित बहुत सारे शिक्षक शामिल हुए। समापन कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री , मुख्य अतिथि ओ पी चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य शिक्षा से ही बदलता है और शिक्षा की गुणवत्ता का सीधा संबंध शिक्षक की सोच, संस्कार और नवाचार से होता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र भारत की सबसे बड़ी ताकत यह है, कि एक सामान्य परिवार का बच्चा भी शिक्षा के बल पर सर्वोच्च पद पर पहुंच सकता है । उन्होंने अपने व्यक्तिगत जीवन का अनुभव साझा करते हुए कहा कि शिक्षक केवल विषय पढ़ने वाला नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र का निर्माता होता है । शिक्षक के भीतर पालक भाव और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, संस्कार और राष्ट्र के प्रति समर्पण विकसित करती है । वित्त मंत्री ने रायगढ़ में शिक्षक सदन की मांग पर विधायक निधि से 20 लख रुपए देने की घोषणा भी की । प्रांतीय प्रमुख संगठन मंत्री छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ ओंकार सिंह द्वारा रखे गए 9 सूत्रीय मांगों पर अपना सकारात्मक रूप रखते हुए कैबिनेट में रखने की बात कही। समापन अवसर पर महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद रूप कुमारी चौधरी , नगर निगम रायगढ़ के महापौर जीवर्धन चौहान, देवेंद्र प्रताप सिंह, राज्यसभा सांसद श्रीमती शिखा रविंद्र गबेल, अध्यक्ष जिला पंचायत रायगढ़ , कमल किशोर पटेल उपाध्यक्ष जिला पंचायत शक्ति तथा जिला शिक्षा अधिकारी रायगढ़ , जिला शिक्षा अधिकारी शक्ति, महामंत्री मनोज राय, रायगढ़ के शिक्षक संघ अध्यक्ष आशीष रंगारी एवं रायगढ़ की पूरी टीम मौजूद रहकर कार्यक्रम को सफल बनाया।


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