विकास नंद /सर्वव्यापी/

77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी को विभिन्न समाचार पत्रों में भाजपा समर्थित जनप्रतिनिधियों द्वारा शुभकामना एवं बधाई स्वरूप विज्ञापनों का प्रकाशन किया गया। इन विज्ञापनों और प्रचार सामग्री में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का फोटो सम्मिलित नहीं किए जाने को लेकर राजनीतिक और संगठनात्मक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में प्रकाशित विज्ञापनों में पार्टी से जुड़े अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के फोटो तो प्रमुखता से दिखाई दिए, लेकिन संगठन के सर्वोच्च पद पर आसीन राष्ट्रीय अध्यक्ष का फोटो न होना कई सवाल खड़े कर रहा है। यही स्थिति कार्यक्रम से जुड़े बैनर, पोस्टर एवं अन्य प्रचार सामग्री में भी देखने को मिली।इस विषय को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और आमजन के बीच चर्चाएं तेज हैं। संगठन से जुड़े कई लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष संगठन की दिशा और नीति निर्धारण में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं, ऐसे में उनके फोटो का न होना एक गंभीर लापरवाही या चूक मानी जा रही है। कुछ कार्यकर्ताओं ने इसे संगठनात्मक समन्वय की कमी से भी जोड़कर देखा है।हालांकि, इस पूरे मामले में अभी तक संबंधित आयोजन समिति, विज्ञापन प्रकाशित कराने वाले जनप्रतिनिधियों अथवा जिम्मेदार पदाधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। इससे अटकलों को और बल मिल रहा है।फिलहाल यह मामला संगठनात्मक स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले समय में इसे लेकर पार्टी नेतृत्व या जिम्मेदारों की ओर से क्या प्रतिक्रिया या स्पष्टता सामने आती है।