विकास नंद/सर्वव्यापी/

सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक नगरी सिरपुर में आयोजित तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव का आज भव्य एवं गरिमामयी समापन समारोह संपन्न हुआ। समापन अवसर पर सांसद रूपकुमारी चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम में महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, राज्य मुख्य आयुक्त भारत स्काउट एवं गाइड संघ इंद्रजीत सिंह खालसा गोल्डी, भारत स्काउट एवं गाइड संघ के अध्यक्ष येतराम साहू, सिरपुर सरपंच पुष्पा के माली, डीलेश्वरी चंद्राकर, जितेंद्र सिंह, ओमप्रकाश चौधरी, महेंद्र सिक्का, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक उपस्थित रहे।समारोह के दौरान मुख्य अतिथि द्वारा विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया गया। साथ ही अतिथियों के करकमलों से कॉफी टेबल बुक एवं महासमुंद जिले की दो वर्षों की उपलब्धियों पर आधारित कैलेंडर का विमोचन किया गया।मुख्य अतिथि सांसद रूपकुमारी चौधरी ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सिरपुर छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहर है। यहां की प्राचीन विरासत, बौद्ध विहार, मंदिर एवं ऐतिहासिक संरचनाएं इसे विश्व पटल पर विशेष पहचान दिलाती हैं। सिरपुर महोत्सव हमारी गौरवशाली परंपराओं, सभ्यता और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है, जो युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ता है।उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संस्कृति, पर्यटन और विरासत संरक्षण के क्षेत्र में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक भारत–श्रेष्ठ भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को नई दिशा मिल रही है। वहीं छत्तीसगढ़ सरकार भी ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है।सांसद चौधरी ने प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत योजना, जल जीवन मिशन और ग्रामीण सड़क योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे आमजन के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य एवं केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से सिरपुर को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और क्षेत्र की आर्थिक प्रगति को गति मिलेगी। उन्होंने भव्य आयोजन के लिए जिला प्रशासन, आयोजन समिति एवं सभी सहयोगी संस्थाओं की सराहना की।विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने अपने उद्बोधन में कहा कि सिरपुर हमारी आस्था, संस्कृति और इतिहास का जीवंत प्रतीक है। यह भूमि हमें हमारी गौरवशाली विरासत से जोड़ती है। सिरपुर महोत्सव के माध्यम से लोक कला, लोक संस्कृति और परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सिरपुर के विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा आने वाले समय में सिरपुर को अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर ने कहा कि सिरपुर महोत्सव से क्षेत्र के पर्यटन, रोजगार और स्थानीय कला को नई पहचान मिली है। ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।भारत स्काउट एवं गाइड संघ के प्रतिनिधि ने कहा कि सिरपुर केवल एक ऐतिहासिक नगरी नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और गौरव का प्रतीक है। सिरपुर महोत्सव इस गौरवशाली धरोहर को जन-जन तक पहुँचाने का सराहनीय प्रयास है।कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव के सफल आयोजन पर शासन, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक टीम, कलाकारों एवं आमजन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग, अनुशासन और उत्साह से यह आयोजन सफल, भव्य और स्मरणीय बना।समापन अवसर पर महोत्सव में उत्कृष्ट प्रस्तुतियाँ देने वाले कलाकारों, सांस्कृतिक दलों एवं आयोजन से जुड़े प्रमुख आयोजकों को मंच पर सम्मानित किया गया। उन्हें स्मृति चिन्ह, शॉल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।तीन दिवसीय महोत्सव के दौरान धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, लोकनृत्य, शास्त्रीय संगीत, भजन-कीर्तन एवं आधुनिक संगीत कार्यक्रमों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। विभागीय प्रदर्शनी एवं एलईडी छायाचित्र प्रदर्शनी भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। देश-प्रदेश से आए पर्यटकों ने सिरपुर की ऐतिहासिक धरोहरों, मंदिरों एवं विहारों का अवलोकन कर इसकी भूरि-भूरि प्रशंसा की।