आरडीएसएस में करोड़ों का घोटाला।

Share Now

बिलासपुर/तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/

छत्तीसगढ़ में आरडीएसएस योजना के तहत 300 करोड़ का टेंडर घोटाले का आरोप लगा है , इस मामले में उच्चस्तरीय शिकायत की गई है । अधिकारियों पर टेंडर नियम बदल कर चहेते ठेकेदारो को फायदा पहुंचाने का आरोप लगा है। नियम में बदलाव के कारण अन्य ठेकेदार प्रतिस्पर्धा से बाहर हो गया अब मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत कर जांच की मांग की गई है।विभागीय सूत्रों ने बताया कि प्रदेश में राज्य विद्युत वितरण कंपनी के ठेकेदार को फायदा पहुंचाने का आरोप लगा है, इस मामले में करीब 300 करोड़ का टेंडर घोटाला सामने आया है। इस भ्रष्टाचार से योजना को लेकर सवाल खड़े हो रहे है। छत्तीसगढ़ में आरडीएसएस योजना रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम)। यह योजना बिजली से वंचित क्षेत्रों तक विद्युत आपूर्ति पहुंचाने के लिए शुरू की गई थी। लेकिन इस योजना में विभाग के अधिकारियों ने ठेकेदार से मिलीभगत कर उसे फायदा पहुंचाने नियमों में बदलाव कर टेंडर जारी किया। दरअसल केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया में बीड कैपेसिटी की गणना पांच वर्षों के टर्नओवर और एन को 3 मानकर होनी थी। लेकिन अधिकारियों ने इसे बदलकर तीन वर्षों के टर्नओवर और एन को 1 कर दिया। इस बदलाव के कारण छोटे ठेकेदार प्रक्रिया से बाहर हो गए और बड़े ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया गया।इस संशोधन के चलते प्रतिस्पर्धा में कमी आई, जिससे राज्य को आर्थिक नुकसान हुआ। विभागीय सूत्रों के अनुसार, परियोजना के मुख्य अभियंता पर कमीशन के लालच में टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता करने का आरोप है। यह दावा किया गया है कि उन्होंने 4% कमीशन लेने के उद्देश्य से इस घोटाले को अंजाम दिया। यह मामला राज्य में प्रशासनिक अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का गंभीर उदाहरण है। यदि निष्पक्ष जांच होती है, तो इसमें शामिल अधिकारियों के काले कारनामे उजागर हो सकते हैं। अब यह देखना होगा कि केंद्रीय और राज्य सरकारें दोषियों को सजा दिलाने में कितनी तत्परता दिखाती हैं। फिलहाल इस घोटाले के उजागर होने के बाद हड़कंप मचा हुआ है और ठेकेदारों मे आक्रोश हैयह घोटाला राज्य की प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है।वहीं घोटाले के दस्तावेजी सबूतों के साथ एक ठेकेदार ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री और राज्य के मुख्यमंत्री को लिखित शिकायत दी है। शिकायत में टेंडर प्रक्रिया में संशोधन और अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।


Share Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!