तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
राष्ट्रीय सेवा योजना के शिविर विद्यार्थियों में सामाजिक एवं राष्ट्रीय दायित्व का बोध कराते हैं और समाज के साथ साझेदारी की भावना विकसित करते हैं। यह विचार महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो कुमुद शर्मा ने व्यक्त किए। राष्ट्रीय सेवा योजना के विशेष शिविर का समापन गुरुवार,19 को किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के संयोजक डॉ बालाजी चिरडे, कार्यक्रम अधिकारी डॉ विधु खरे दास, डॉ शिवसिंह बघेल, डॉ हेमचंद्र ससाने व डॉ सूर्य प्रकाश पाण्डेय मंचासीन थे। इस दौरान कुलपति के द्वारा विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए प्रमाण पत्र एवं सम्मान चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के अंतर्गत 13 से 19 मार्च तक आयोजित विशेष शिविर के दौरान ‘जल ही जीवन’ और सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता फैलाने हेतु भव्य रैली का आयोजन किया गया।रैली का शुभारंभ विश्वविद्यालय परिसर के शिवाजी द्वार से हुआ, जो पंजाब कॉलोनी होते हुए पुनः विश्वविद्यालय परिसर में आकर संपन्न हुई।रैली के दौरान प्रतिभागियों ने “जल बचाओ, जीवन बचाओ”, “पानी है तो कल है”, “गति पर नियंत्रण, जीवन का संरक्षण” तथा “सड़क नियम जो अपनाएगा, वही सुरक्षित घर जाएगा!” जैसे नारों के माध्यम से आम नागरिकों को जागरूक किया। साथ ही बैनर और पोस्टरों के जरिए जल संरक्षण एवं सड़क सुरक्षा का संदेश व्यापक रूप से प्रसारित किया गया।इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के संयोजक बालाजी चिरडे, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विधु खरे दास, डॉ. हेमचंद्र ससाने और डॉ. शिवसिंह बघेल उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त एनएसएस के सभी स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए रैली को सफल बनाया।