विकास नंद,सर्वव्यापी
शालाओं में बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से जिला पंचायत सभाकक्ष में समग्र शिक्षा की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ने की, जिसमें जिले के सभी विकासखंडों के बीआरसीसी, बीआरपी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में प्रत्येक ब्लॉक के संकुल स्तर पर उत्कृष्ट शिक्षकों की टीम गठित करने के निर्देश दिए गए, ताकि छात्रों के अधिगम स्तर में प्रभावी सुधार किया जा सके। मेंटर शिक्षकों के चयन, छात्रों के अधिगम आधारित वर्गीकरण तथा संकुल समन्वयकों के दायित्व निर्धारण की प्रक्रिया अप्रैल माह तक पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया गया, जिससे आगामी सत्र के प्रारंभ होते ही “लक्ष्य महासमुंद” विशेष अभियान शुरू किया जा सके।अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा अपार आईडी एवं यू-डाइस डाटा का शत-प्रतिशत संधारण पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए। कक्षा 5वीं एवं 8वीं की केंद्रीकृत परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं का गोपनीयता के साथ समय-सीमा में मूल्यांकन करने पर भी जोर दिया गया।बैठक में नवोदय चयन परीक्षा में सफल विद्यार्थियों, शिक्षकों, शाला प्रबंधन समितियों एवं पालकों को बधाई देते हुए आगामी वर्षों में शासकीय विद्यालयों से अधिकतम चयन सुनिश्चित करने हेतु विशेष कार्ययोजना बनाने की बात कही गई। साथ ही स्मार्ट क्लास के नियमित उपयोग की मॉनिटरिंग कर तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए।विशेष आवश्यकता वाले दिव्यांग बच्चों के सटीक चिन्हांकन एवं उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
आगामी शिक्षण सत्र से कक्षा 1 से 8 तक सभी विषयों में गतिविधि आधारित अध्यापन को अनिवार्य करते हुए शिक्षक दैनंदिनी में उसका नियमित संधारण सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।बैठक में समग्र शिक्षा से जुड़े अधिकारी, बीआरसीसी, अकाउंटेंट, ऑपरेटर एवं स्पेशल एजुकेटर्स उपस्थित