तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई, जिसमें विभागीय योजनाओं की प्रगति और उनके जमीनी असर पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने की।बैठक में प्रमुख सचिव बोरा ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति का गहन आकलन करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पहुंचे। उन्होंने कहा कि केवल कागजी प्रगति नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस और दिखने वाले परिणाम सुनिश्चित करना ही विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या धीमी गति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, सभी योजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए नियमित मॉनिटरिंग और फील्ड निरीक्षण बढ़ाने के निर्देश भी दिए।प्रमुख सचिव ने यह भी कहा कि विभाग के माध्यम से समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाएं और योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की कमी न रहने दें।बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों ने विभागीय योजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी और आगामी कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई।