मुंगेली /जिया खान/ ब्यूरो चीफ/ सर्वव्यापी/
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव एवं केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के गृह जिला मुंगेली में इन दिनों एक शिक्षक का पारिवारिक विवाद का मामला पुलिस थाना पहुंचा हुआ है और इस मामले में कुछ लोग शिक्षक को ब्लैकमेलिंग करने का प्रयास लगातार कर रहे हैं जो आश्चर्य की बात है। मुंगेली जिले के एक पुलिस थाना क्षेत्र में एक वरिष्ठ शिक्षक एवं सामाजिक कार्यकर्ता के खिलाफ उनके ही एक करीबी महिला रिश्तेदार ने दैहिक शौषण करने को लेकर आईजी, एसपी तक शिकायत की है तो वहीं शिक्षक द्वारा महिला के खिलाफ भी पुलिस थाना में लिखित शिकायत किया । जिस पर पारिवारिक और आपसी विवाद को गंभीरता से दर्शाया गया है लेकिन वही इस मामले पर शिक्षक का रिश्तेदार महिला ने गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस थाना, कलेक्टर एसपी और पुलिस महानिरीक्षक तक शिकायत किया है जो एक गंभीर बात है, और महिला द्वारा लगाए आरोपों की जांच पुलिस करेंगी लेकिन आज इन दोनों रिश्तेदारों की आपसी विवाद इस कदर से बढ़ा कि महिला कानून की रौब दिखाते हुए कुछ सामाजिक संगठन द्वारा शिक्षक को ब्लैकमेलिंग करने की कोशिश करते हुए दबाव बनाया गया है। जिस पर शिक्षक ने पुलिस प्रशासन से साक्ष्यों के साथ शिकायत दर्ज कराई है लेकिन इस आपसी और विवादित झगड़े से न केवल दो परिवार आपस में एक दूसरे का चेहरा देखना पसंद नहीं कर रहे हैं तो वहीं इस मामले को लेकर संबंधित पुलिस थाना ने महिला और शिक्षक की लिखित शिकायत पर एफआईआर दर्ज करते हुए मामले को जांच में ले लिया है लेकिन इसके बावजूद आज शिक्षक को राजधानी के एक थाने में खुद को पदस्थ होने की बात और एक महिला द्वारा खुद को पुलिस महिला सुरक्षा के लिए गठित संस्था से जुड़ने की बात करते हुए एक महिला ने शिक्षक को धमकाने का प्रयास किया है। सूत्रों का कहना है कि इस पूरे मामले में कुछ होना जाना नहीं है , पुलिस का समय बर्बाद करने में लगे हुए ,यह शिक्षक और महिला का पारिवारिक और आपसी झगड़ा है ,जो अब सड़क पर आ चुकी है और दोनों का मान- सम्मान पर असर पड़ रहा है। एक वरिष्ठ अधिवक्ता का कहना है कि इस पूरे मामले की पुलिस जांच कर कोर्ट में चालान पेश करेगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है लेकिन जिस तरह से शिक्षक का दावा है कि उसे कुछ दलाल किस्म के लोगों द्वारा धमकी दे रहे हैं ,वह गलत है और उसके खिलाफ भी ठोस कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल उक्त घटना केवल आपसी विवाद है ,जिसका आखिरी निर्णय दोनों शिकायत कर्ताओं पर ही निर्भर करता है कि उन्हें मामले में कार्रवाई करनी है या फिर जीवन भर कोर्ट कचहरी घूमना है क्योंकि दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुआ है,ऐसे में महिला कानून के लिए बनाए गए धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध होने की उम्मीद दिखाई नहीं देती है लेकिन आज महिला कानून का सहारा लेते हुए महिला का इज्जत को दुनिया के सामने लाने का प्रयास किया जाना महिला का चरित्र हनन से कम नहीं दिखाई दे रही है। निश्चित रूप से इस दिशा में पुलिस प्रशासन को जल्द ही कार्रवाई करने की आवश्यकता है। वहीं इस पूरे मामले की विस्तृत खबर हम अपने आगामी अंकों में प्रकाशित करेंगे।