तरुण कौशिक, संपादक

मुख्यमंत्री सचिवालय के आदेशों के बावजूद स्थानांतरण प्रकरणों में देरी पर उठे सवाल, स्कूल शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर चर्चा तेजतरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी।छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सचिवालय से जारी स्पष्ट निर्देशों के बावजूद दो व्याख्याताओं के स्थानांतरण एवं प्रतिनियुक्ति प्रकरण लंबित रहने से प्रशासनिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। संबंधित मामलों में मुख्यमंत्री सचिवालय, स्कूल शिक्षा विभाग तथा लोक शिक्षण संचालनालय के बीच जारी पत्राचार के बावजूद अंतिम कार्यवाही नहीं होने को लेकर शिक्षकीय वर्ग में असंतोष देखा जा रहा है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री सचिवालय के पत्र क्रमांक 2111625003040/154/मुमंनि/2025 दिनांक 03/11/2025 के माध्यम से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विश्रामपुर (विकासखंड सिमगा, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा) में पदस्थ व्याख्याता तुलेश्वरी के स्थानांतरण हेतु दुर्ग जिले के रिक्त पदों पर प्रस्ताव तैयार किया गया था। इसके पश्चात स्कूल शिक्षा विभाग के कवर सचिव द्वारा पत्र क्रमांक ईएसटीबी-1/2293/2025-20-तीन/2041 दिनांक 06/11/2025 के माध्यम से यह प्रस्ताव लोक शिक्षण संचालनालय को प्रेषित किया गया।लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा आगे अपने पत्र क्रमांक स्था 02/व्या./स्थानांतरण/20/2025/1145 दिनांक 04/12/2025 के माध्यम से उक्त व्याख्याता का स्थानांतरण शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुगदा, जिला दुर्ग में किए जाने की अनुशंसा स्कूल शिक्षा विभाग को भेजी गई थी।इसी प्रकार एक अन्य प्रकरण में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तुलसी बाराडेरा में पदस्थ व्याख्याता को सहायक जिला परियोजना अधिकारी (समग्र शिक्षा), जिला रायपुर में प्रतिनियुक्ति पर भेजने की अनुशंसा भी लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा की गई थी, जिसे मुख्यमंत्री सचिवालय के निर्देशों के क्रम में आगे प्रेषित किया गया।हालांकि, संबंधित पत्राचार और स्पष्ट अनुशंसाओं के बावजूद अब तक दोनों प्रकरणों में अंतिम स्थानांतरण अथवा प्रतिनियुक्ति आदेश जारी नहीं किए जाने पर प्रक्रिया की गति को लेकर प्रश्न उठ रहे हैं।इसी बीच, दोनों व्याख्याताओं द्वारा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह को पुनः आवेदन प्रस्तुत किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि इन निवेदनों को आगे मुख्यमंत्री सचिवालय के उप सचिव को प्रेषित किया गया, जिसके पश्चात दिनांक 20/04/2026 को पुनः स्कूल शिक्षा विभाग को नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देश जारी किए गए।प्रशासनिक स्तर पर लगातार जारी पत्राचार के बावजूद कार्रवाई में देरी को लेकर संबंधित वर्ग में यह चर्चा तेज है कि यदि अन्य स्थानांतरण एवं पदस्थापना आदेश नियमित रूप से जारी हो रहे हैं, तो इन मामलों में विलंब का कारण क्या है।इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की “सुशासन व्यवस्था” और प्रशासनिक समन्वय की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि स्कूल शिक्षा विभाग एवं संबंधित विभाग इस प्रकरण में कब तक अंतिम निर्णय लेते हैं।