सरायपाली /विकास नंद/
सर्वव्यापी महासमुंद वनमण्डल के अंतर्गत आने वाले जंगलों में लगातार आग लगने की घटना थमने की नाम नहीं ले रही है महासमुंद,पिथौरा, बागबाहरा, बसना, सरायपाली के वन क्षेत्रों में अधिकांश जंगल आग के हवालें हो रहें हैं तो वहीं अधिकारी से बात करने कि कोशिश की गई परंतु अधिकारी ने फोन तक रिसीव करना उचित नहीं समझा। एक ओर जहां छत्तीसगढ सरकार जंगल को बचाने और संरक्षित करने के लिए भारी भरकम राशि खर्च कर रही है जिससे जंगल बढ़ें और जंगलों पर निर्भर आजिविका करने वाले लोगों को लाभ मिलें इसलिए सरकार द्वारा हर वर्ष वृक्षारोपण एवं वनोपज के लिए भारी बजट वन विभाग को प्रदान किया जाता है परंतु वन विभाग की लापरवाही के चलते फाइलों पर वृक्षारोपण किए गए पौधे जीवित है लेकिन धरातल पर जंगल जलकर खाक हो रहें हैं आखिर वन विभाग आग की घटना रोकने में नाकाम क्यों हो रही है यह सवाल खड़ा हो गया है। इसी तरह महासमुंद वनमंडल के सभी वन क्षेत्रों का मामला है। इस तरह की आगजनी से सरायपाली में पिछले साल वृक्षारोपण किए गए पौधे भी जलकर खाक हो रहें हैं इसकी पूरी जवाबदेही वन विभाग के अधिकारियों की है जो समय पर मानिटिरिंग नहीं कर रहे हैं अगर इस तरह की आगजनी की घटनाएं नहीं थमी और विभाग नींद से नहीं जागा तो तेंदूपत्ता संग्राहकों को भारी नुक़सान होगा तथा वनोपज से लाभ लेने वाले ग्रामीणों को भी होने वाले नुक्सान की संभावना है आगजनी का मुख्य कारण महुआ बीनने वाले लोग व असामाजिक तत्वों द्वारा आग लगाये जाने की आशंका जताई जा रही है। अगर ऐसे ही हालात रहे तो बहुत जल्द जंगल और नर्सरी सिर्फ वन विभाग के कागजों और कहानियों में रह जाएंगे।