विकास नंद/सर्वव्यापी
प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के दौरान जशपुर जिले के पत्थलगांव विकासखंड के सुदूर वनांचल ग्राम चंदागढ़ में एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अचानक गांव की एक छोटी-सी किराना दुकान पर पहुंचे, जिसे ‘लखपति दीदी’ सुमिला कोरवा संचालित करती हैं।हेलीकॉप्टर से उतरते ही मुख्यमंत्री सीधे हेलीपैड के पास स्थित सुमिला की दुकान पर पहुंचे। मुख्यमंत्री को सामने देखकर सुमिला भावुक हो उठीं और परंपरागत अंदाज में लौंग-इलायची खिलाकर उनका स्वागत किया।मुख्यमंत्री ने सुमिला से आत्मीय बातचीत कर उनकी जीवन-यात्रा के बारे में जाना। सुमिला ने बताया कि उन्होंने मुद्रा योजना के तहत एक लाख रुपये का ऋण लेकर किराना दुकान शुरू की थी। आज उनकी दुकान न केवल रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा कर रही है, बल्कि उसमें फोटो कॉपी मशीन और फ्रिज जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं, जिससे गांववासियों को ठंडा पानी और अन्य सेवाएं मिल रही हैं।मुख्यमंत्री ने दुकान से ठंडा पानी और फलाहारी चिवड़ा खरीदा और स्वयं अपने पर्स से भुगतान किया। जब सुमिला ने पैसे लेने से इनकार किया, तो मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा, “यह आपकी मेहनत का हक है, इसे जरूर स्वीकार कीजिए।”सुमिला ने बताया कि पहले वे खेती-बाड़ी में परिवार का सहयोग करती थीं, लेकिन गांव में ही रोजगार के अवसर को देखते हुए दुकान शुरू करने का निर्णय लिया। आज यह दुकान उनके परिवार की आय का प्रमुख स्रोत बन चुकी है। उनकी बेटी प्रियंका, जो कसाबेल के कन्या हाईस्कूल में पढ़ती है, इस बार अपनी कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर चुकी है और छुट्टियों में दुकान में मदद भी कर रही है।सुमिला का परिवार अब आर्थिक रूप से मजबूत हो चुका है। उनके पास ट्रैक्टर और चारपहिया वाहन भी है, जिन्हें गांव में किराए पर दिया जाता है। वे दुकान, घर और खेती—तीनों जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभा रही हैं।मुख्यमंत्री ने सुमिला की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने ‘लखपति दीदी’ बनकर मिसाल कायम की है और आने वाले समय में वे ‘करोड़पति दीदी’ भी बनेंगी।मुख्यमंत्री का यह सहज और मानवीय व्यवहार न केवल ग्रामीणों के दिलों को छू गया, बल्कि सुशासन तिहार के उद्देश्य—शासन और जनता के बीच सीधा, संवेदनशील और भरोसेमंद संवाद—को भी सार्थक करता नजर आया।