विकास नंद/ सर्वव्यापी

महासमुंद पुलिस को अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है। ओडिशा से उत्तर प्रदेश तक फैले करीब 4.56 करोड़ रुपये मूल्य के 912.760 किलोग्राम गांजा तस्करी नेटवर्क के मुख्य सरगना और मास्टरमाइंड विनय कुमार शर्मा उर्फ पंडित जी को उत्तर प्रदेश के शामली जिले से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर महासमुंद लाया जा रहा है।पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी विनय शर्मा उत्तर प्रदेश एवं आंध्र प्रदेश में संचालित 10 से अधिक शराब ठेकों की आड़ में गांजा, भांग और अन्य मादक पदार्थों के अंतरराज्यीय अवैध कारोबार का संचालन कर रहा था। वह इस पूरे नेटवर्क का मुख्य रिसीवर और फाइनेंसर था।गौरतलब है कि 17 अप्रैल 2026 को थाना बसना पुलिस एवं एएनटीएफ की संयुक्त टीम ने पलसापाली बैरियर पर नाकाबंदी के दौरान एक आयशर मालवाहक वाहन को पकड़ा था। वाहन में कच्चे केले की आड़ में 29 प्लास्टिक बोरियों में छिपाकर रखे गए 912.760 किलोग्राम गांजा को बरामद किया गया था। पुलिस ने मौके से चार फर्जी नंबर प्लेट भी जब्त की थीं। यह खेप ओडिशा के कंधमाल जिले से उत्तर प्रदेश के शामली भेजी जा रही थी।मामले की गहन विवेचना, मोबाइल फोन, व्हाट्सएप चैट, गूगल डेटा एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों के वैज्ञानिक विश्लेषण से इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड के रूप में विनय शर्मा की भूमिका सामने आई। इसके बाद विशेष पुलिस टीम को उत्तर प्रदेश भेजा गया, जहां 17 जून 2026 को शामली के झिंझाना क्षेत्र से आरोपी को गिरफ्तार किया गया।इस प्रकरण में पुलिस पहले ही झारखंड निवासी वाहन चालक अब्दुल नईम, मुख्य बिचौलिया राम कुमार सिंह उर्फ रामजी ठाकुर तथा ओडिशा के कंधमाल निवासी गांजा सप्लायर रमाकांत बेहरा और बबलू नायक को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ थाना बसना में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B)(ii)(C), 29 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 336(2), 338 एवं 340 के तहत अपराध दर्ज है।
‘एंड-टू-एंड’ कार्रवाई से ध्वस्त हुआ पूरा नेटवर्क
महासमुंद पुलिस अवैध मादक पदार्थों के कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए केवल वाहक ही नहीं, बल्कि सप्लायर, बिचौलियों और मुख्य खरीदारों तक पहुंचकर कार्रवाई कर रही है। वर्ष 2026 में दर्ज कुल 110 एनडीपीएस प्रकरणों में से 65 मामलों में पुलिस ने “सोर्स से डेस्टिनेशन” तक कार्रवाई कर नेटवर्क को ध्वस्त करने में सफलता प्राप्त की है।इस कार्रवाई को महासमुंद पुलिस की नशा तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है, जिसने ओडिशा से उत्तर प्रदेश तक फैले करोड़ों रुपये के गांजा कारोबार की कमर तोड़ दी है।