तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

बिलासपुर जिले के ग्राम पंचायत छतौना, विकासखंड तखतपुर अंतर्गत वार्ड क्रमांक 09 स्थित ऊर्जा विहार कॉलोनी के रहवासियों ने कॉलोनी के समग्र विकास के लिए मुख्यमंत्री सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को आवेदन प्रेषित कर लगभग 50 लाख रुपये की स्वीकृति की मांग की है। आवेदन में कॉलोनी में सीसी रोड, पक्की नाली, पेयजल एवं वर्षा जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं की गंभीर कमी का उल्लेख किया गया है।आवेदन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल तथा जिला पंचायत बिलासपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल को संबोधित किया गया है।आवेदन में बताया गया है कि ऊर्जा विहार कॉलोनी बिलासपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय से लगभग आधा किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जहां बड़ी संख्या में परिवार निवास कर रहे हैं। बावजूद इसके कॉलोनी आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।रहवासियों ने आरोप लगाया है कि एक वरिष्ठ जिला भाजपा नेता द्वारा कॉलोनी को सर्वसुविधायुक्त बताकर प्लॉटों की बिक्री की गई थी, लेकिन वर्षों बाद भी सड़क, नाली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कॉलोनी रेरा पंजीयन में शामिल नहीं है, जबकि मकान निर्माण के लिए ग्राम पंचायत से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करने हेतु नागरिकों से हजारों रुपये शुल्क लिया गया।कॉलोनीवासियों के अनुसार वर्तमान में क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की समुचित व्यवस्था नहीं है। अधिकांश गलियां कच्ची और जर्जर हैं, जिससे आवागमन में परेशानी होती है। पक्की नाली नहीं होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है तथा बरसात के दिनों में जलभराव की स्थिति गंभीर हो जाती है। वर्षा जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से नागरिकों को हर वर्ष भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।रहवासियों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि विभिन्न मदों से लगभग 50 लाख रुपये की राशि स्वीकृत कर सभी गलियों में सीसी रोड निर्माण, पक्की नाली, शुद्ध पेयजल व्यवस्था एवं ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण कराया जाए, ताकि ऊर्जा विहार कॉलोनी का व्यवस्थित विकास हो सके और नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।