विकास नंद/ सर्वव्यापी

जिले में अपराध नियंत्रण और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए महासमुंद पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष अभियान में बड़ी सफलता मिली है। 01 जून से 05 जून 2026 तक संचालित पांच दिवसीय विशेष सर्च मुहिम के दौरान पुलिस ने कुल 120 वारंटियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया। इनमें 29 स्थायी वारंटी और 91 गिरफ्तारी वारंटी शामिल हैं।पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी जानकारी के अनुसार अभियान का उद्देश्य लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावी बनाना था। अभियान के दौरान स्थानीय न्यायालयों के अलावा अन्य जिलों से प्राप्त वारंटों का भी निष्पादन किया गया।विशेष उपलब्धि के रूप में थाना सरायपाली क्षेत्र का वर्ष 2017 से लंबित 9 वर्ष पुराना स्थायी वारंट भी तामील किया गया। इसके अलावा चेक बाउंस (एनआई एक्ट) से जुड़े सात वारंटियों को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
तामील किए गए स्थायी वारंटों में आबकारी अधिनियम के 9 मामले, मारपीट एवं गाली-गलौज से जुड़े 9 मामले, एनआई एक्ट के 8 मामले, दुर्घटना का 1 मामला, चोरी का 1 मामला तथा एनडीपीएस एक्ट का 1 मामला शामिल है।
अनुविभागवार कार्रवाई
महासमुंद अनुविभाग कोतवाली थाना: 8 स्थायी एवं 7 गिरफ्तारी वारंटतुमगांव थाना: 2 स्थायी एवं 1 गिरफ्तारी वारंटखल्लारी थाना: 1 स्थायी एवं 3 गिरफ्तारी वारंट बागबाहरा अनुविभाग बागबाहरा थाना: 1 स्थायी एवं 10 गिरफ्तारी वारंट कोमाखान थाना: 2 स्थायी एवं 10 गिरफ्तारी वारंट तेंदुओंकोना थाना: 2 स्थायी एवं 2 गिरफ्तारी वारंट पिथौरा अनुविभाग पिथौरा थाना: 1 स्थायी एवं 4 गिरफ्तारी वारंट सांकरा थाना: 2 स्थायी एवं 9 गिरफ्तारी वारंट पटेला थाना: 2 स्थायी वारंट सरायपाली अनुविभाग बसना थाना: 1 स्थायी एवं 14 गिरफ्तारी वारंट सरायपाली थाना: 5 स्थायी एवं 13 गिरफ्तारी वारंट सिंघोड़ा थाना: 2 स्थायी एवं 13 गिरफ्तारी वारंट बलौदा चौकी: 5 गिरफ्तारी वारंट पुलिस अधिकारियों ने बताया कि न्यायालयों द्वारा जारी स्थायी एवं गिरफ्तारी वारंटों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए ऐसे अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे।पुलिस की इस विशेष मुहिम से फरार आरोपियों में हड़कंप मच गया है और न्यायिक प्रक्रिया से बचने वालों को स्पष्ट संदेश मिला है कि कानून के शिकंजे से बच पाना आसान नहीं है।