तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली पैरा दिव्यांग तैराक रोहित कुमार गोंड़ को वर्ष 2022-23 के लिए राज्य शासन के प्रतिष्ठित शहीद कौशल यादव पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है, लेकिन पुरस्कार के साथ घोषित 1.50 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि अब तक उन्हें प्राप्त नहीं हो सकी है।जानकारी के अनुसार, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के निवासी रोहित कुमार गोंड़ को उनकी उत्कृष्ट खेल उपलब्धियों के आधार पर 29 अगस्त 2024 को रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा शहीद कौशल यादव पुरस्कार से अलंकृत किया गया था। यह सम्मान पैरा तैराकी खेल में उनके उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए प्रदान किया गया।बताया जा रहा है कि पुरस्कार के अंतर्गत घोषित 1 लाख 50 हजार रुपये की राशि अभी तक खिलाड़ी के बैंक खाते में जमा नहीं हुई है। इस संबंध में संबंधित संस्था द्वारा पूर्व में भी खेल एवं युवा कल्याण विभाग, रायपुर को जानकारी एवं आवेदन प्रस्तुत किया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।दिव्यांग खिलाड़ी और उनके समर्थकों का कहना है कि राज्य स्तर पर सम्मान प्राप्त करने के बावजूद पुरस्कार राशि का लंबे समय से लंबित रहना चिंता का विषय है। उनका मानना है कि इससे खिलाड़ियों का मनोबल प्रभावित हो सकता है, विशेषकर उन दिव्यांग खिलाड़ियों का जो सीमित संसाधनों के बीच प्रदेश और देश का नाम रोशन करने के लिए निरंतर संघर्ष कर रहे हैं।संस्था ने शासन एवं खेल विभाग से मांग की है कि पैरा दिव्यांग तैराक रोहित कुमार गोंड़ को देय 1.50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि शीघ्र उनके बचत खाते में हस्तांतरित अथवा चेक के माध्यम से प्रदान की जाए, ताकि उन्हें अपने खेल प्रशिक्षण और भविष्य की प्रतियोगिताओं की तैयारी में सहायता मिल सके।खेल जगत से जुड़े लोगों का भी मानना है कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को समय पर प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता होनी चाहिए, जिससे अन्य खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिल सके।