230 मेधावी विद्यार्थियों का भव्य सम्मान, प्रतिभा सम्मान की परंपरा चौथे वर्ष भी रही कायम।

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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, श्रीनिवास सुमेर, ब्यूरो चीफ, सर्वव्यापी

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से जिला विरासत साहित्य कला मंच के तत्वावधान में जिला स्तरीय विद्यार्थी प्रतिभा सम्मान समारोह-2026 का भव्य आयोजन स्वामी आत्मानंद हिन्दी माध्यम विद्यालय (मल्टीपरपज स्कूल) पेंड्रा के असेंबली हॉल में किया गया। जिला विरासत साहित्य कला मंच द्वारा लगातार चौथे वर्ष आयोजित इस प्रेरणादायी कार्यक्रम में जिलेभर के 230 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया गया। समारोह में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र, मेडल एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। मंच द्वारा प्रतिभाओं को सम्मानित करने की यह पहल अब जिले की एक प्रेरणादायक परंपरा का स्वरूप ले चुकी है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण और उत्कृष्टता की भावना का विकास करना है।कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा-अर्चना, वैदिक मंत्रोच्चार, संगीतमय वंदना एवं राज्यगीत के साथ हुआ। सेजेस की छात्रा हेमकल्याणी पटेल ने राज्यगीत की प्रभावशाली प्रस्तुति दी, जबकि मंच के सदस्यों ने संगीतमय वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम को गरिमामय बनाया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष उपेन्द्र बहादुर सिंह, नगर पालिका परिषद पेंड्रा अध्यक्ष राकेश जालान, विश्व हिन्दू परिषद जिला अध्यक्ष हर्ष छाबरिया, जिलाध्यक्ष लालजी यादव, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष जीवन राठौर, एसडीएम देवेन्द्र सिरमौर, सिविल सर्जन डॉ. देवेन्द्र पैकरा, आईएफएस अधिकारी गौतम पड़िभर, पर्यावरण वैज्ञानिक राजेन्द्र वासुदेव, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष रामजी श्रीवास, समाजसेवी श्रीनिवास तिवारी एवं श्रीकांत ताम्रकार सहित जिले के अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम का विशेष आकर्षण विद्यार्थियों और अधिकारियों के बीच संवाद सत्र रहा। जिले एवं राज्य के टॉपर विद्यार्थियों ने शिक्षा, करियर, प्रशासन, पर्यावरण, स्वास्थ्य तथा राजनीति से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया। सिविल सर्जन डॉ. देवेन्द्र पैकरा, आईएफएस अधिकारी आंचल गौतम, एसडीएम देवेन्द्र सिरमौर, वैज्ञानिक राजेन्द्र वासुदेव तथा नगर पालिका अध्यक्ष राकेश जालान ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने, अनुशासन का पालन करने और समय का सदुपयोग करने की सीख दी। अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि निरंतर परिश्रम, धैर्य और समर्पण से ही बड़े लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं।समारोह को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा ने कहा कि संघर्ष ही सफलता का मूलमंत्र है। विद्यार्थियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं होती, आवश्यकता केवल सही दिशा, सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास की होती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, संस्कार, अनुशासन और समर्पण को अपनाकर विद्यार्थी जीवन की हर चुनौती का सामना कर सकते हैं तथा अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। अन्य वक्ताओं ने भी अपने संघर्षपूर्ण जीवन की प्रेरणादायी कहानियां साझा करते हुए विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए सतत प्रयासरत रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही आने वाले समय में जिले, प्रदेश और देश का भविष्य तय करेंगे। ऐसे सम्मान समारोह न केवल मेधावी विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हैं बल्कि अन्य विद्यार्थियों को भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करते हैं।कार्यक्रम की सफलता में जिला विरासत साहित्य कला मंच के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र कृष्ण पाण्डेय, सचिव अजय चौधरी, टीकादास मराबी, तीरथ बड़गैंया, कान्हा सोनी, राकेश चौधरी, हेमंत कश्यप, रिंकू पटेल, परसराम चौधरी, दिनेश राठौर, छोटेलाल वनवासी, संजय सोनी, ओमप्रकाश सोनवानी, पीयूष गुप्ता, अमिताभ चटर्जी, डोमन काछी, डॉ. एस.एस. मराबी, रणजीत राठौर, सचिन तिवारी, सौरभ राठौर, राजकुमार पटेल, बलराम तिवारी, बजरंग कश्यप, कन्हैया सोनवानी, रोहिताश दुबे, गिरीश शर्मा, नरेन्द्र पाल पैकरा, रत्नेश सोनी सहित सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विशेष आमंत्रित सदस्य सत्यनारायण जायसवाल भी आयोजन में सक्रिय रूप से शामिल रहे। लगभग 500 लोगों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा, सम्मान और उत्साह का यादगार अवसर बन गया। कार्यक्रम में डॉ. योगेश तिवारी, जितेन्द्र वासुदेव, लक्ष्मीशंकर गुप्ता, राजेश सोनी, सूरज सिंह चौहान सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। जिला विरासत साहित्य कला मंच की यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पहचान देने तथा नई पीढ़ी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक सराहनीय और अनुकरणीय प्रयास के रूप में देखी जा रही है।


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