विकास नंद/ सर्वव्यापी
गरियाबंद जिले के राजा पड़ाव क्षेत्र में बिजली की मांग को लेकर ग्रामीणों ने अनोखा और भावुक कदम उठाते हुए अपने खून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के नाम पत्र लिखकर गांवों में विद्युत सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। वर्षों से बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों का कहना है कि अनेक बार मांग, ज्ञापन और आंदोलन करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया है, इसलिए अब उन्होंने अपनी पीड़ा सीधे देश के प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का निर्णय लिया है।
ग्रामीणों के अनुसार राजा पड़ाव क्षेत्र के कई गांव आज भी नियमित विद्युत सुविधा से वंचित हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई, किसानों के कार्य, स्वास्थ्य सेवाओं और दैनिक जीवन पर गंभीर असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि आधुनिक दौर में भी अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर होना पड़ रहा है, जबकि क्षेत्र के विकास के लिए बिजली सबसे बड़ी आवश्यकता है।
खून से लिखे गए पत्र में ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप कर क्षेत्र में शीघ्र विद्युत सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। साथ ही राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण से भी आग्रह किया गया है कि वन एवं संरक्षण संबंधी बाधाओं का समाधान निकालकर ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं का लाभ दिलाया जाए।
ग्रामीणों के इस कदम ने क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है। वहीं इस घटनाक्रम ने डबल इंजन सरकार के जनप्रतिनिधियों और स्थानीय स्तर पर जनसमस्याओं के समाधान को लेकर उनकी कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते उनकी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान दिया जाता तो उन्हें अपनी बात रखने के लिए इतना असाधारण और भावनात्मक तरीका नहीं अपनाना पड़ता।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ग्रामीणों की इस मार्मिक अपील पर केंद्र और संबंधित विभाग किस तरह प्रतिक्रिया देते हैं तथा राजा पड़ाव क्षेत्र के लोगों को बिजली की सुविधा कब तक मिल पाती है।