नूर मोहम्मद, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (सर्वव्यापी)
नए शिक्षण सत्र की शुरुआत से पहले स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए स्कूल बसों की व्यापक जांच शुरू कर दी है। परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक बड़ी लापरवाही उजागर हुई, जहां एक स्कूल बस बिना वैध स्कूल बस परमिट के सड़कों पर दौड़ती मिली। नियमों की खुली अवहेलना पर प्रशासन ने बस को तत्काल जब्त कर लिया।कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन और पुलिस अधीक्षक मनोज खिलारी के मार्गदर्शन में हेलीपेड मैदान, गुरुकुल पेंड्रारोड में विशेष जांच अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य नए सत्र से पहले यह सुनिश्चित करना था कि बच्चों को स्कूल ले जाने वाले वाहन सुरक्षा मानकों और न्यायालय के निर्देशों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं।18 बसें पहुंचीं, कई संचालक जांच से रहे गायब निरीक्षण के लिए कुल 18 स्कूल बसें प्रस्तुत की गईं, जबकि कई बस संचालक जांच में अनुपस्थित रहे। परिवहन विभाग ने ऐसे संचालकों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि जांच से दूरी बनाना भी नियमों के प्रति गंभीर लापरवाही का संकेत है। बिना परमिट संचालित बस पर कार्रवाई जांच के दौरान बस क्रमांक CG 12 AU 7042 में गंभीर अनियमितता पाई गई। वाहन के पास स्कूल बस संचालन के लिए आवश्यक परमिट नहीं था। बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर उल्लंघन को देखते हुए बस को मौके पर ही जब्त कर पंचनामा तैयार किया गया। चार बसों में मिलीं खामियां, वसूला गया जुर्माना निरीक्षण में शामिल 18 बसों में से 4 बसों में विभिन्न प्रकार की तकनीकी और दस्तावेजी कमियां पाई गईं। नियमों के उल्लंघन पर संबंधित संचालकों से कुल 6,500 रुपये का शमन शुल्क वसूल किया गया। बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं : परिवहन विभाग परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को ले जाने वाली बसों की स्थिति, सुरक्षा उपकरणों और दस्तावेजों पर नजर रखें तथा किसी भी अनियमितता की जानकारी तत्काल स्कूल प्रबंधन, पुलिस अथवा आरटीओ कार्यालय को दें। जारी रहेगी कार्रवाईअधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं बल्कि सतत प्रक्रिया है। आने वाले दिनों में भी स्कूल बसों का औचक निरीक्षण जारी रहेगा और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नए सत्र से पहले हुई इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए प्रशासन अब किसी भी प्रकार की ढील देने के मूड में नहीं है।