पत्रकार हितों की आवाज पहुंची मुख्यमंत्री सचिवालय तक, जनसंपर्क विभाग को कार्रवाई के निर्देश।

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कबीरधाम, धनंजय साहू, ब्यूरो चीफ सर्वव्यापी

प्रदेश के पत्रकारों एवं मीडिया कर्मियों के हित संरक्षण, सुरक्षा, सामाजिक सम्मान तथा कल्याणकारी सुविधाओं की मांग को लेकर उठाई गई आवाज अब शासन के उच्च स्तर तक पहुंच गई है। मुख्यमंत्री सचिवालय ने इस संबंध में जनसंपर्क विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। इससे पत्रकार जगत में आशा की नई किरण जगी है कि लंबे समय से लंबित पत्रकार कल्याण और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अब ठोस पहल देखने को मिल सकती है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्लोबल जर्नलिस्ट एंड मीडिया संघ, छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव तरुण कौशिक द्वारा दिनांक 08 जून 2026 को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन प्रस्तुत किया गया था। ज्ञापन में प्रदेश के पत्रकारों और मीडिया कर्मियों के लिए सुरक्षा, सामाजिक सम्मान, स्वास्थ्य सुविधाएं, कल्याणकारी योजनाएं तथा कार्य परिस्थितियों में सुधार संबंधी विभिन्न मांगों को प्रमुखता से उठाया गया था।इस ज्ञापन को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री सचिवालय, मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर द्वारा 12 जून 2026 को एक आधिकारिक पत्र जारी किया गया। पत्र में जनसंपर्क विभाग के सचिव (भारसाधक) को निर्देशित किया गया है कि प्रस्तुत विषय पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए आवेदक को जानकारी उपलब्ध कराई जाए तथा की गई कार्रवाई से मुख्यमंत्री सचिवालय को भी अवगत कराया जाए। साथ ही प्रकरण को जनदर्शन पोर्टल में दर्ज करने का भी उल्लेख किया गया है।राजनीतिक और प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि यह केवल एक औपचारिक पत्राचार नहीं है, बल्कि पत्रकारों की समस्याओं को शासन स्तर पर गंभीरता से लिए जाने का संकेत है। वर्तमान समय में पत्रकारों को कार्य के दौरान अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत पत्रकारों के सामने सुरक्षा, आर्थिक अस्थिरता, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी तथा सामाजिक संरक्षण जैसे मुद्दे लगातार बने हुए हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा संबंधित विभाग को कार्रवाई के निर्देश देना एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है।ग्लोबल जर्नलिस्ट एंड मीडिया संघ के प्रदेश महासचिव तरुण कौशिक ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में समाज और शासन के बीच सेतु का कार्य करते हैं। इसलिए उनके हितों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जनसंपर्क विभाग इस विषय पर गंभीरता से विचार करते हुए पत्रकार हित में ठोस निर्णय लेगा।वहीं पत्रकार संगठनों का कहना है कि यदि पत्रकार सुरक्षा कानून, स्वास्थ्य बीमा, आकस्मिक सहायता, वरिष्ठ पत्रकार सम्मान योजना तथा मीडिया कर्मियों के लिए विशेष कल्याणकारी योजनाओं पर प्रभावी कदम उठाए जाते हैं तो इससे पूरे पत्रकार समाज को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री सचिवालय के इस पत्र ने प्रदेश के पत्रकारों के बीच नई उम्मीद पैदा की है और अब सभी की निगाहें जनसंपर्क विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।यह घटनाक्रम इस बात का संकेत है कि पत्रकारों की समस्याओं और मांगों को लेकर किए जा रहे संगठित प्रयास अब शासन के सर्वोच्च स्तर पर सुनाई देने लगे हैं। आने वाले दिनों में यदि इस दिशा में ठोस निर्णय सामने आते हैं तो यह प्रदेश के पत्रकारों और मीडिया कर्मियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो सकती है।


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