तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर बिलासपुर जिले के गनियारी के नायब तहसीलदार ओमप्रकाश चंद्रवंशी ने मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए छठवीं बार स्वेच्छा से रक्तदान किया। उनके इस प्रेरणादायक कार्य की क्षेत्रभर में सराहना की जा रही है।विश्व रक्तदान दिवस के अवसर पर आयोजित रक्तदान शिविर में पहुंचकर चंद्रवंशी ने रक्तदान किया और लोगों से भी आगे आकर रक्तदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि रक्तदान एक ऐसा महादान है, जिससे किसी जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन बचाया जा सकता है। रक्त की आवश्यकता किसी भी व्यक्ति को कभी भी पड़ सकती है, इसलिए स्वस्थ व्यक्तियों को नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए।उन्होंने कहा कि समाज में अभी भी रक्तदान को लेकर कई प्रकार की भ्रांतियां हैं, जिन्हें दूर करने की आवश्यकता है। रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया है और इससे दानकर्ता के स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। इसके विपरीत, रक्तदान से समाज के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करने का संतोष प्राप्त होता है।नायब तहसीलदार ओमप्रकाश चंद्रवंशी द्वारा लगातार छठवीं बार रक्तदान किया जाना युवाओं और आम नागरिकों के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है। प्रशासनिक दायित्वों के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों में उनकी सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि एक जिम्मेदार अधिकारी केवल कार्यालय तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समाजहित के कार्यों में भी अग्रणी भूमिका निभाता है।रक्तदान शिविर में उपस्थित लोगों ने उनके इस योगदान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जनसेवी और संवेदनशील अधिकारी समाज में सकारात्मक संदेश देने का कार्य करते हैं। विश्व रक्तदान दिवस पर उनका यह कदम न केवल रक्तदान के महत्व को रेखांकित करता है, बल्कि अधिक से अधिक लोगों को इस पुनीत कार्य से जुड़ने के लिए प्रेरित भी करता है।एक संदेश:”रक्तदान है सबसे बड़ा दान, इससे बच सकती है किसी की मुस्कान और किसी का जीवन।”