विकास नंद/ सर्वव्यापी
छत्तीसगढ़ में ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त होने के बाद 16 जून से प्रदेश के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों का संचालन प्रारंभ होने जा रहा है। लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 का विधिवत संचालन मंगलवार 16 जून से शुरू होगा और पहले ही दिन से नियमित समय-सारणी के अनुसार पढ़ाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि स्कूल खुलने की घोषणा के साथ ही प्रदेश के अनेक जिलों में पड़ रही भीषण गर्मी ने पालकों की चिंता बढ़ा दी है। जून माह के मध्य में भी कई क्षेत्रों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। ऐसे में छोटे बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर अभिभावकों के बीच चिंता का माहौल है।
पालकों ने जताई चिंता
अभिभावकों का कहना है कि तेज धूप और उमस के बीच बच्चों का स्कूल आना-जाना कठिन होगा। विशेषकर प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों को गर्मी से अधिक परेशानी हो सकती है। कई पालकों ने मांग की है कि मौसम सामान्य होने तक कुछ दिनों के लिए विद्यालयों का संचालन स्थगित किया जाए अथवा स्कूलों का समय सुबह जल्दी निर्धारित किया जाए।
सोशल मीडिया पर भी उठी मांग
स्कूल खोलने के आदेश के बाद सोशल मीडिया पर भी ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ाने की मांग तेज हो गई है। अनेक अभिभावक संगठनों और नागरिकों ने राज्य सरकार से मौसम की स्थिति की समीक्षा कर बच्चों के हित में उचित निर्णय लेने का आग्रह किया है।
16 जून से नियमित पढ़ाई के निर्देश
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 20 अप्रैल से 15 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश प्रभावशील था। अब 16 जून से नए शैक्षणिक सत्र का संचालन प्रारंभ होगा और सभी विद्यालयों में अध्ययन-अध्यापन नियमित रूप से संचालित किया जाएगा।
प्रशासन की नजर मौसम परशिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विद्यालय खोले जा रहे हैं। वहीं मौसम की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। यदि आवश्यकता महसूस हुई तो शासन स्तर पर आगे निर्णय लिया जा सकता है।
बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर बरतनी होगी सावधानी
विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी के मौसम में बच्चों को पर्याप्त पानी पिलाना, सिर ढंककर घर से भेजना तथा धूप से बचाव के उपाय करना आवश्यक है। विद्यालयों में भी स्वच्छ पेयजल, पंखे और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत है।फिलहाल 16 जून से स्कूलों की घंटी बजने जा रही है, लेकिन बढ़ती गर्मी के बीच अभिभावकों की निगाहें अब शासन के अगले निर्णय पर टिकी हुई हैं।