राष्ट्रीय बागवानी मिशन बना किसान अमृत सिंह की समृद्धि का आधार..केले की उन्नत खेती से पांच गुना बढ़ी आय।

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तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

बिलासपुर जिले के सलखा ग्राम निवासी आदिवासी किसान अमृत सिंह पहले अपनी 1.5 हेक्टेयर कृषि भूमि में मुख्य रूप से धान की खेती करते थे। एक ही फसल पर निर्भरता के कारण उनकी वार्षिक आय लगभग 1 लाख रुपये तक सीमित थी। बढ़ती लागत और सीमित आमदनी के कारण आर्थिक प्रगति की संभावनाएँ भी कम थीं। इसी दौरान राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत फल क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम से उन्हें जोड़ा गया। विभाग द्वारा उन्हें केले की उन्नत खेती के लिए गुणवत्तायुक्त पौध सामग्री उपलब्ध कराई गई। साथ ही मल्चिंग, ड्रिप सिंचाई एवं अंतरवर्ती फसलों के समावेश संबंधी तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। योजना के अंतर्गत अनुदान सहायता मिलने से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाना उनके लिए आसान हो गया। उद्यानिकी फसलों की खेती शुरू करने के बाद अमृत सिंह की कृषि व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन आया। केले की व्यावसायिक खेती और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उत्पादन में वृद्धि हुई तथा अतिरिक्त आय के नए स्रोत विकसित हुए। परिणामस्वरूप उनकी वार्षिक आय बढ़कर लगभग 5 लाख रुपये हो गई, जो पहले की तुलना में पांच गुना अधिक है। अमृत सिंह का कहना है कि उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन और अनुदान सहायता से उन्हें नई दिशा मिली है। अब वे आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अन्य किसानों को भी पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। यह सफलता कहानी दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं, तकनीकी मार्गदर्शन और आधुनिक कृषि पद्धतियों के समुचित उपयोग से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक समृद्धि का मार्ग प्रशस्त किया जा सकता है।


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