विकास नंद/ सर्वव्यापी
महासमुंद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने मंगलवार को आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। शासन के निर्देशानुसार बैठक वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई, जिसमें जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि साहू सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ, सीएमओ एवं जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।बैठक में कलेक्टर ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत शेष लगभग 26 हजार किसानों का एग्रीस्टैक पंजीयन शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एसडीएम, तहसीलदार तथा राजस्व एवं कृषि विभाग के मैदानी अमले को विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने को कहा। जिले में अब तक 758 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से एल-1 स्तर पर 319 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है तथा नागरिकों के फीडबैक की प्रतीक्षा है।कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन 1076 के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर विशेष जोर देते हुए सभी विभागीय अधिकारियों को नियमित रूप से पोर्टल में लॉगिन कर लंबित शिकायतों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने खाद एवं बीज की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने, किसानों को समय पर खाद वितरण सुनिश्चित करने तथा यूरिया एवं डीएपी के संतुलित उपयोग के साथ नैनो यूरिया एवं प्राकृतिक खाद को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। सहकारी समितियों में उपलब्ध खाद के स्टॉक का नियमित भौतिक सत्यापन करने पर भी जोर दिया गया।कलेक्टर ने जिले के बड़े किसानों को धान के रकबे में कमी कर वैकल्पिक फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के लगभग 8,500 किसानों से ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं आरईएओ लगातार संपर्क कर फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित करें, जिससे जल संरक्षण के साथ किसानों की आय में भी वृद्धि हो सके।बैठक में धान उपार्जन से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए शेष धान के उठाव तथा राइस मिलों द्वारा चावल जमा कराने की प्रगति पर चर्चा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।कलेक्टर ने 24 जून को आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में सभी पटवारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीमांकन, अविवादित खाता विभाजन एवं अन्य राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर जोर देते हुए लंबित मामलों में विशेष अभियान चलाने को कहा।उन्होंने सभी एसडीएम को सेवा सेतु केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने तथा आय, जाति एवं निवास प्रमाण-पत्र निर्धारित समय-सीमा में जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार ई-फाइल प्रणाली अनिवार्य रूप से लागू हो चुकी है और मैनुअल फाइल संचालन प्रतिबंधित रहेगा। सभी विभागों को ई-ऑफिस एवं ई-फाइल प्रणाली का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।बैठक में मुख्यमंत्री घोषणाओं, कलेक्टर जनदर्शन, पीजी पोर्टल, लोक सेवा गारंटी अधिनियम, पेयजल व्यवस्था, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा जन शिकायतों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।