तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

बिलासपुर में जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव 2026-27 के लिए जारी किए गए आमंत्रण पत्र को लेकर नया विवाद खड़ा होता नजर आ रहा है। आमंत्रण पत्र में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव के फोटो को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया है, लेकिन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, अध्यक्षता करने वाले मंत्री एवं विशिष्ट अतिथियों के रूप में शामिल जनप्रतिनिधियों के फोटो को स्थान नहीं दिए जाने पर सवाल उठने लगे हैं।जारी आमंत्रण पत्र के अनुसार, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू हैं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा की जानी है। इसके अलावा कई विधायक, महापौर और जिला पंचायत अध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। इसके बावजूद आमंत्रण पत्र में उनके फोटो शामिल नहीं किए गए, जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।चर्चा का विषय यह भी है कि जब कार्यक्रम में शामिल जनप्रतिनिधियों को औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया है, तो उनके फोटो को आमंत्रण पत्र में स्थान क्यों नहीं दिया गया। कई लोग इसे जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा और प्रोटोकॉल संबंधी चूक के रूप में देख रहे हैं।जिला शिक्षा विभाग के इस आमंत्रण पत्र को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या इसका प्रारूप तैयार करते समय संबंधित अधिकारियों ने प्रोटोकॉल और जनप्रतिनिधियों की गरिमा का पर्याप्त ध्यान रखा था। सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर भी इस मुद्दे को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।हालांकि, इस संबंध में जिला शिक्षा विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। ऐसे में यह सवाल बना हुआ है कि क्या यह केवल एक प्रशासनिक चूक है या फिर आमंत्रण पत्र की डिजाइन तैयार करने में आवश्यक सावधानी नहीं बरती गई।फिलहाल, जिला शिक्षा विभाग द्वारा जारी यह आमंत्रण पत्र कार्यक्रम से पहले ही चर्चा और विवाद का विषय बन गया है।