सरायपाली /विकास नंद/सर्वव्यापी /
रायगढ़ सरायपाली नेशनल हाईवे 153 पर एनटीपीसी से फ़्लाई ऐश ढ़ोने वाली वाहनों की मनमानी कुछ दिनों से चरम पर पहुंच गयी सारे नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बैखोफ सड़क पर दौड़ रही है जिसके कारण आमजन को आवागमन करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ग्रामीणों ने कहा कि एनटीपीसी से निकलने वाली गीला फ्लाइ ऐश वाहनों से सड़क पर गिरता रहता है.सूखने के बाद यही फ्लाइ ऐश छोटे-बड़े वाहनों के चक्के में लगकर हवा में उड़ता रहता है.पूरे वातावरण को प्रदूषित कर रहा है.लोगों ने बताया कि उड़ते फ्लाइ ऐश से दुकानदार सहित आम नागरिक व राहगीर को बहुत परेशानी हो रही है. दो पहिया व चार पहिया वाहनों को आने जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. धूल से दुर्घटना की भी संभावना बनी रहती है.सड़क किनारे व्यवसाय करने वाले दुकानदारों का कहना है कि फ्लाई ऐश की ढुलाई से व्यवसाय में बहुत नुकसान उठाना पड़ रहा है. एनटीपीसी द्वारा गीली फ्लाई ऐश के परिवहन के कारण रायगढ़ से सारंगढ़ तक राष्ट्रीय राजमार्ग-153 पर प्रदूषण हो रहा है। हमारे द्वारा फ्लाई ऐश ढोंने वाले वाहन चालक से बात की गई जिस वाहन चालक ने बताया कि फ्लाई ऐश में चलने वाली अधिकांश वाहन ओव्हर लोड माल लेकर चलती है जिसके सड़क पर डस्ट गिरता है और लोगों को सड़क पर उड़ने वाली धूल के कारण आवागमन करने में परेशानी होती है परंतु आखिर इतने गंभीर मामले पर प्रशासनिक अधिकारी एंव परिवहन विभाग की कौन सी मजबूरी है जो इन वाहनों पर कारवाई नहीं की जा रही है आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कोरबा संसदीय क्षेत्र में फ्लाई ऐश का मामला उठाया.नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जो फ्लाई ऐश उत्सर्जन होता है वो दिल दिमाग स्वास्थ्य पानी को प्रभावित करता है.आज काफी ज्यादा फ्लाई ऐश उत्सर्जन होने लगा है. उद्योगों ने कहां-कहां किस किस कार्य के लिए फ्लाई ऐश को खपाया है.उद्योगों ने ये जवाब दिया है कि ईंट बनाने में,सीमेंट उत्पादन में और भराव करने में फ्लाई ऐश को खपाया जाता है. ये जो जानकारी उद्योगों से आपको प्राप्त हुई,इस जवाब का आपने भौतिक सत्यापन करवाया है.विभाग करता है सत्यापन :इस सवाल के जवाब में मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा कि ”उद्योग समय समय पर इसकी जानकारी देते हैं.विभाग भी इसका समय-समय पर सत्यापन करता है.इसके बाद विभाग ये जानकारी जुटाती है कि उस राखड़ का इस्तेमाल किया जा रहा है कि नहीं किया जा रहा है. नियमों का पालन नहीं करने पर कारवाई की बात तो मंत्री जी ने कह दी परंतु धरातल पर ऐसे मनमानी करने वाले वाहन मालिकों और कंपनी पर किस प्रकार की कार्रवाई होती नहीं दिखाई देती।डबल इंजन की सरकार में ऐसे नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले कंपनियों पर सरकार क्या ऐक्शन लेती है यह तो आने वाला समय ही बताएगा। परंतु शीघ्र इस पूरे मामले को गंभीरता पूर्वक संज्ञान में लेते हुए सरायपाली अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) की अध्यक्षता में परिवहन विभाग सहित एक टीम बनाकर ऐसे वाहनों पर कारवाई करने की आवश्यकता है जिससे आमजन को राहत मिल सकें।