बिलासपुर/ तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा एवं विभाग के प्रमुख सचिव निहारिका बारिक को जानकर बड़े ही हैरानी होगी कि उनके विभाग के जिम्मेदार मंत्रियों को खुश करने के लिए सरकारी कार्यक्रम में प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाने से भी बाज नहीं आ रहे हैं और एक समारोह में एक ही सत्र के कार्यक्रम के लिए दो मुख्य अतिथि बनाए गए हैं, जो अपने आप में हास्यास्पद है। प्रदेश की न्यायधानी बिलासपुर जिले में आज 25 मार्च 2025 को नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी और उपाध्यक्ष ललिता संतोष कश्यप के साथ ही समस्त जिला पंचायत सदस्यों का शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन बिलासपुर जिला पंचायत द्वारा रखा गया था। जिसमें बाकायदा आमंत्रण कार्ड छापवाया गया था और विनित के रुप में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बिलासपुर लिखा गया था। इस शपथ ग्रहण समारोह में जिला पंचायत सीईओ ने किसके इशारे पर समारोह में दो मुख्य अतिथि बनाकर अपनी फजीहत कराई ,यह समझ से परे है और प्रोटोकॉल का भी पालन करना उचित नहीं समझा। इस समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में जिला पंचायत ने केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के साथ ही लोक निर्माण विभाग व नगरीय निकाय विभाग के मंत्री सह उप मुख्यमंत्री अरुण साव को मुख्य अतिथि के रुप में शामिल किया गया। जबकि विशिष्ट अतिथियों के रुप में जिले के सभी विधायक को शामिल किया गया था। जिसमें बिलासपुर शहर विधायक अमर अग्रवाल,बिल्हा विधायक धरम लाल कौशिक,बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह ठाकुर, मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया और कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव आमंत्रण पत्र में शामिल थे। जबकि प्रोटोकॉल पर नजर डालें तो केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू नगरीय निकाय,लोक निर्माण मंत्री से पहले क्रम में आएंगे पहले ही वह छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री हो और वही जिला पंचायत को दोनों को अतिथि बनाना था तो प्रोटोकॉल के तहत अरुण साव को कार्यक्रम का अध्यक्षता बनाकर सम्मान देना चाहिए था लेकिन दोनों स्वजाति बंधुओं को एक ही समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में शामिल कर जिला पंचायत सीईओ ने न केवल प्रोटोकॉल का खुलकर उल्लंघन किया है बल्कि शासकीय समारोह में इस तरह का मुख्य अतिथि बनाकर खुद की फजीहत कराने में कोई कसर नहीं छोड़े हैं।