नूर मोहम्मद/गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (सर्वव्यापी)
जीपीएम जिले को नया प्रशासनिक नेतृत्व मिल गया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) 2015 बैच के अधिकारी विजय दयाराम के ने रविवार जैसे शासकीय अवकाश के दिन ही कलेक्टर पद का कार्यभार ग्रहण कर यह स्पष्ट संकेत दे दिया कि उनके लिए जनसेवा किसी सरकारी कैलेंडर की मोहताज नहीं है। अवकाश के दिन पदभार संभालने के इस फैसले को प्रशासनिक हलकों में नई कार्यशैली और सक्रिय नेतृत्व के रूप में देखा जा रहा है।कलेक्ट्रेट पहुंचने पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इस दौरान जिले की पहचान बन चुके विष्णुभोग चावल का पैकेट भेंट कर स्थानीय संस्कृति और आत्मनिर्भर महिला समूहों से भी उनका परिचय कराया गया। अपर कलेक्टर दिलेराम डाहिरे, एसडीएम अमित बेग, जिला कोषालय अधिकारी धर्मेंद्र सोनी सहित अन्य अधिकारियों ने भी उनका स्वागत कर नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।सूत्रों के अनुसार नए कलेक्टर की प्राथमिकता शासन की योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना, लंबित मामलों का त्वरित निराकरण और आम नागरिकों को बेहतर प्रशासन उपलब्ध कराना रहेगा। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जिले की प्रमुख विकास योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल तथा राजस्व प्रकरणों की व्यापक समीक्षा की जा सकती है।गौरतलब है कि विजय दयाराम के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के आठवें कलेक्टर हैं। उनसे पहले शिखा राजपूत तिवारी, डोमन सिंह, नम्रता गांधी,ऋचा प्रकाश चौधरी,प्रियंका ऋषि महोबिया,लीना कमलेश मंडावी तथा डॉ. संतोष कुमार देवांगन जिले का नेतृत्व कर चुके हैं। अब जिले वासियों की निगाहें नए कलेक्टर की कार्यशैली पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासनिक व्यवस्था में तेजी आएगी, जनसुनवाई अधिक प्रभावी होगी और लंबे समय से लंबित विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। रविवार को कार्यभार ग्रहण कर नए कलेक्टर ने एक मजबूत संदेश जरूर दिया है कि “जनसेवा में अवकाश नहीं होता।”


