विकास नंद/सर्वव्यापी
तेंदूपत्ता संग्राहकों का लंबे समय से प्रतीक्षित बोनस का इंतजार आखिरकार समाप्त हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर के कृषि मंडपम (ऑडिटोरियम) में आयोजित कार्यक्रम के दौरान तेंदूपत्ता संग्रहण वर्ष 2023 के संग्राहकों के लिए प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) वितरण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सहकारिता, परिवहन एवं वन मंत्री केदार कश्यप भी उपस्थित रहे।कार्यक्रम में महासमुंद जिले के तेंदूपत्ता संग्रहण वर्ष 2023 में सर्वाधिक बोनस प्राप्त करने वाले दो संग्राहकों तथा संग्रहण वर्ष 2026 में सर्वाधिक संग्रहण पारिश्रमिक प्राप्त करने वाले दो संग्राहकों को सम्मानित किया गया। साथ ही उनके बैंक खातों में राशि भुगतान से संबंधित प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए।जिला लघु वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित महासमुंद के अनुसार, संग्रहण वर्ष 2023 में लाभ अर्जित करने वाली 65 प्राथमिक लघु वनोपज समितियों के 680 फड़ों से जुड़े 76,650 संग्राहक परिवारों को कुल 12.40 करोड़ रुपये की बोनस राशि ऑनलाइन माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है।14 जुलाई 2026 तक 3.28 करोड़ रुपये की राशि संग्राहकों के खातों में अंतरित की जा चुकी है, जबकि शेष पात्र हितग्राहियों के खातों में राशि हस्तांतरण की प्रक्रिया जारी है। बोनस का भुगतान वर्ष 2023 में संग्रहित तेंदूपत्ता की मात्रा के आधार पर किया जा रहा है।जिन संग्राहकों का नाम अभी ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में दर्ज नहीं है, उनके नाम, बैंक खाता और आधार विवरण जोड़ने की प्रक्रिया भी तेज़ी से जारी है, ताकि कोई भी पात्र संग्राहक बोनस से वंचित न रहे। सभी प्राथमिक समितियों को पात्र हितग्राहियों की सूची का पुनः सत्यापन कर आवश्यक सुधार शीघ्र करने के निर्देश दिए गए हैं।इसके अलावा, तेंदूपत्ता संग्रहण सीजन 2026 के 81,597 संग्राहक परिवारों को 41.52 करोड़ रुपये का संग्रहण पारिश्रमिक भी दिया जा रहा है। इस प्रकार वर्ष 2023 के बोनस 12.40 करोड़ रुपये और वर्ष 2026 के संग्रहण पारिश्रमिक 41.52 करोड़ रुपये सहित कुल 53.92 करोड़ रुपये की राशि संग्राहकों के खातों में पहुंच रही है।यह आर्थिक सहायता संग्राहक परिवारों के दैनिक जीवन, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।


