बिलासपुर/ तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि देश में ऐसे कई घटनाएं देखने को मिल जाएगी , जहां पर एक व्यक्ति अपने वार्ड का पंच, पार्षद बन जाए तो अपने आप को बड़ा नेता मान बैठते हैं और उनमें अहंकार पनपने लगता है लेकिन हमारे छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने गृह जिला जशपुर के मयाली में मधेश्वर महादेव धाम के समीप आयोजित शिव महापुराण कथा एक मुख्यमंत्री के रुप में भले ही अपनी पत्नि कौशल्या देवी के साथ शामिल हुए और पूरे भक्तिभाव से कथा का श्रवण किया। इस अवसर पर उन्होंने कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा जी का अभिनंदन किया और भगवान शिव से प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। लेकिन सबसे बड़ी बात इस कथा में यह देखने को मिली कि मुख्यमंत्री होने के बाद भी विष्णु देव साय एक आम व्यक्ति की तरह अपनी पत्नि के अलावा पूरे परिवार के साथ कुर्सी पर नहीं बल्कि जमीन पर बैठकर कथा का श्रवण किया। निश्चित रूप से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की इस रुप को किसी ने भी देखा वह मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कायल हो गए हैं । वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय छत्तीसगढ़ के किसी भी जगह पर प्रदीप मिश्रा का शिव महापुराण कथा आयोजित होती है वहां पर पहुंच कर कौशल्या भी अपने पति की तरह एक आम नागरिक की भांति जमीन पर बैठकर कथा का श्रवण करते हैं। निश्चित रूप से हम सबको मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सीख लेनी चाहिए कि पद प्रतिष्ठा सिर्फ कुछ दिनों के लिए रहता है लेकिन हमारा व्यवहार जीवन भर के लिए रहता है, इसलिए किसी भी धार्मिक जगह पर पहुंच कर अपने आप को भगवान का एक छोटा सा सेवक समझकर जमीन पर बैठकर कथा का आनंद लेना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा हमें धार्मिक समारोह में अपनी सहभागिता निभाना चाहिए।