विकास नंद/ सर्वव्यापी
सरायपाली नगर में बारिश के बीच पीलिया (जॉन्डिस) के बढ़ते खतरे को लेकर लोगों में चिंता गहराती जा रही है। विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर के सभी वार्डों में बड़ी संख्या में बच्चों एवं अन्य लोगों में पीलिया जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दूषित पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था की अनदेखी के कारण स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है।
सूत्रों के अनुसार प्रारंभ में वार्ड क्रमांक 7, 8 और 9 में मामले सामने आए थे, लेकिन अब नगर के लगभग सभी वार्डों में पीलिया जैसे लक्षण वाले मरीजों की संख्या बढ़ने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि सैकड़ों की तादाद में इसके लक्षण दिखाई दे रहे हैं, जिससे विशेष रूप से बच्चें प्रभावित हो रहें हैं जिससे अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस गंभीर स्थिति के बावजूद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई जा रही है। समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो यह संक्रमण व्यापक रूप ले सकता है।नगरवासियों ने मांग की है कि पूरे नगर के पेयजल स्रोतों की तत्काल गुणवत्ता जांच कराई जाए, पानी के नमूने प्रयोगशाला भेजे जाएं तथा नगर में क्लोरीनेशन और पाइपलाइन की सफाई कराई जाए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक वार्ड में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाकर बच्चों और आम नागरिकों की जांच की जाए तथा संदिग्ध मरीजों का उपचार सुनिश्चित किया जाए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के मौसम में दूषित पानी से पीलिया सहित कई जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को केवल स्वच्छ या उबला हुआ पानी पीना चाहिए और लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
इस संबंध में अब तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से नगर में पीलिया फैलने अथवा सैकड़ों मरीजों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।


