बर्ड फ्लू- पक्षियों, अंडों और पोल्ट्री आहार के विनिष्टिकरण के बाद सरकार के दिशा- निर्देशों के तहत पशुपालकों व किसानों को मिलेगा मुआवजा।

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सरायपाली/ विकास नंद/ सर्वव्यापी/

संचालनालय पशु चिकित्सा सेवाएं छत्तीसगढ़ द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार भारत सरकार के एवियन इन्फ्लूएंजा एक्शन प्लान के तहत कार्रवाई की जा रही है।जिला प्रशासन और जिला पशु चिकित्सा सेवाओं के समन्वय से जिला कलेक्टर इस मुद्दे पर लगातार कार्यवाही कर रहे हैं और इस दिशा में लगातार नजर रखे हुए हैं। इन्फेक्टेड जोन में पक्षियों का कलिंग, सर्विलेंस, और सेनेटाइजेशन कार्य चल रहा है। साथ ही, प्रभावित क्षेत्र के पशुपालकों और किसानों के पक्षियों, अंडों और पोल्ट्री आहार के विनिष्टिकरण के बाद उन्हें भारत सरकार द्वारा निर्धारित मुआवजा राशि दी जाएगी।भारत सरकार ने एवियन इन्फ्लूएंजा के नियंत्रण के लिए पोल्ट्री पक्षियों को जबरन मारने, अंडों और पोल्ट्री फ़ीड को नष्ट करने के लिए मुआवजे की दर तय की हुई है। इन दरों के अनुसार, पोल्ट्री पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों और उनकी आयु के आधार पर मुआवजे की राशि निर्धारित की गई है। उदाहरण स्वरूप, 8 सप्ताह तक के लेयर चूजों को 40 रुपये का मुआवजा मिलेगा, जबकि 8 सप्ताह से अधिक उम्र के लेयर पक्षियों के लिए 140 रुपये मुआवजा निर्धारित किया गया है, वहीं 4 सप्ताह तक के बॉयलर को 35 रुपये का मुआवजा मिलेगा, जबकि 4 सप्ताह से अधिक उम्र के बॉयलर के लिए 120 रुपये दिया जाएगा। इसी तरह 8 सप्ताह तक के बेकयार्ड पोल्ट्री बर्ड्स को 35 रुपये का मुआवजा मिलेगा, जबकि 8 सप्ताह से अधिक उम्र के बेकयार्ड पोल्ट्री बर्ड्स के लिए 150 रुपये दर निर्धारित किया गया है। जबकि 8 सप्ताह तक के टर्की को 60 रुपये का मुआवजा मिलेगा, जबकि 8 सप्ताह से अधिक उम्र के टर्की के लिए 350 रुपये दर के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा। इसी तरह 5 सप्ताह तक के बटेर को 20 रुपये का मुआवजा मिलेगा, जबकि 5 सप्ताह से अधिक उम्र के बटेर के लिए 40 रुपये दर निर्धारित किया गया है। इससे पोल्ट्री किसानों को एवियन इन्फ्लूएंजा के प्रभावी नियंत्रण और उनके नुकसान की भरपाई करने में मदद करेगा और वित्तीय सुरक्षा प्रदान करेगा।


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