पॉवर कंपनी का दायित्व है कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और सस्ती बिजली की निरन्तर आपूर्ति हो-सुबोध।

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बिलासपुर/ तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/

छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के अध्यक्ष का कार्यभार संभालने के बाद सुबोध कुमार सिंह ने वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली और विद्युत उत्पादन, पारेषण और वितरण कंपनी की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पॉवर कंपनी का दायित्व है कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और सस्ती बिजली की निरन्तर आपूर्ति हो। इसके लिए फोकस होकर कार्य करें। बिजली आपूर्ति से राज्य के विकास को और गति देने पॉवर कंपनियां अपनी कार्यक्षमता को बढ़ाएं। उन्होंने अधिकारियों को अगली बैठक में बिजली के लाइन लाॅस में कमी लाने और सस्ती बिजली के साथ ही राजस्व बकाया वसूली के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिये।प्रदेश के प्रमुख सचिव, ऊर्जा तथा पॉवर कंपनी के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार माननीय मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह को सौंपा गया है। सिंह ने छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज (उत्पादन, पारेषण एवं वितरण) के अध्यक्ष का कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने आज पॉवर कंपनी के मुख्यालय सेवाभवन में तीनों कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली और योजनावार समीक्षा की। बैठक में पॉवर कंपनी के प्रबंध निदेशकगण सर्वश्री एसके कटियार, राजेश कुमार शुक्ला एवं भीम सिंह कंवर उपस्थित थे। उन्होंने पॉवर पाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से प्रदेश में विद्युत उत्पादन, पारेषण और आपूर्ति की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही नए विद्युत संयंत्रों की स्थापना की प्रगति की जानकारी दी गई। प्रदेश में सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन की योजना पीएम कुसुम और पीएम सूर्यघर के बारे में भी चर्चा की गई। इस पर अध्यक्ष श्री सिंह ने कहा कि सभी कंपनियों का फोकस उपभोक्ताओं को निर्बाध और सस्ती बिजली उपलब्ध कराने में होना चाहिए। कोई भी योजना बनाते समय ध्यान रखें कि उससे बिजली की लागत में कितनी कमी लायी जा सकती है। आमतौर पर परियोजनाओं के समय पर पूरा नहीं होने से उसकी लागत अनावश्यक रूप से बढ़ती है, यदि उसे समय से पूर्व पूरा कर लिया जाए तो हमें केपिटल पर ब्याज कम देना पड़ता है और उससे हमारी आय भी बढ़ती है। सिंह ने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा से संबंधित योजनाओं को और सरल बनाया जाए ताकि उपभोक्ता उसे आसानी से अपने घरों में स्थापित कर सकें।उन्होंने लाइन लाॅस की समीक्षा में कहा कि इसे और कम करने लिए विशेष प्रयास किये जाएं, ताकि इसका भार जनता पर न पड़े। लाइन लाॅस कम होने से लागत में कमी आएगी। सिंह ने कृषि पंपों के लिए पीएम कुसुम योजना के तहत 2-2 मेगावाट के संयंत्र अलग-अलग फीडर में लगाने के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सौर ऊर्जा से संबंधित योजनाओं को और बेहतर तरीके से लागू करने की बात कही और कहा कि दूसरे राज्यों में इस दिशा में विशेष प्रयास किये गए हों तो उनका अध्ययन करें और उनके अच्छे विकल्पों को प्रदेश में लागू करें। सुबोध कुमार सिंह ने बकाया राशि की वसूली के लिए अभियान चलाने के भी निर्देश दिए। बैठक में कार्यपालक निदेशक सर्वश्री वीके साय, केएस मनोठिया, संजय पटेल, जेएस नेताम, आर ए पाठक, आलोक सिंह, एमएस चौहान, संदीप मोदी, संदीप वर्मा, एस के ठाकुर, आर सी अग्रवाल, ज्योति नन्नौरे, एम एस कंवर, सी एल नेताम, एम आर बागड़े, जी आनंद राव, मुख्य अभियंता सर्वश्री एम जामुलकर, वी के दीक्षित, एस के गजपाल, के बी पात्रे, शारदा सोनवानी, पी वी सजीव, अतिरिक्त महाप्रबंधक(जनसंपर्क) उमेश कुमार मिश्र सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


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