बिलासपुर/ तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
पूर्व कांग्रेस सरकार ने छत्तीसगढ़ पर भ्रष्टाचार का धब्बा लगा दिया है ,जो ईडी,सीबीआई की छापेमारी कार्रवाई से पता चल रहा है लेकिन अब इस धब्बे को धोने के लिए वर्तमान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी । अपनी चुनावी वादे को पूरा करने में विष्णु सरकार लगभग सफल हो चुके हैं लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ और जनहित को लेकर भाजपा सरकार को बड़ी रणनीति तैयार करने होंगे।

जिसके लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के पास छत्तीसगढ़ कैडर के दो वरिष्ठ अफसर मुख्य रुप से अहम् भूमिका निभा सकते हैं। उसमें सबसे सौम्य, शांत सहज सरल और मिलनसार भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह है जो वर्तमान में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव की जिम्मेदारी निभा रहे हैं तो वहीं दूसरे क्रम में कांग्रेस सरकार के मंत्री जयसिंह अग्रवाल के हमेशा निशाने पर रहने वाले पी दयानंद है, जो काम को लेकर सजगता रखते हैं और ईमानदारी से सरकार की योजनाओं को धरातल पर लाने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं।

सुबोध सिंह और रजत कुमार की बात करें तो दोनों अफसर पूर्व में डाक्टर रमन सिंह के मुख्यमंत्री कार्यकाल में सीएम सचिवालय में रहे हैं और बेहतर रिजल्ट देने में सुबोध सिंह की अलग ही पहचान होती है। इसलिए विष्णु देव साय सरकार ने प्रमुख सचिव के रुप में सुबोध सिंह के साथ ही बिलासपुर,कोरबा जैसे बड़े जिलों के कमान संभाल चुके पी दयानंद को अपने सचिवालय और सीएम के प्रमुख विभाग में रखकर बड़ी जिम्मेदारी दी है। इसके अलावा बेदाग छवि के मुकेश बंसल , डॉ एस.बसवराजू भी सरकार की योजनाओं को धरातल में लाने में अहम् भूमिका निभाते आ रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव होने के नाते सुबोध सिंह पर सीएम सचिवालय का नहीं बल्कि भाजपा सरकार का भार है, जिन्हें ईमानदारी से पूरा करने के लिए सुबोध सिंह ने मुख्यमंत्री सचिवालय में पदस्थ अफसरों के बीच कार्य बंटवारा किया है लेकिन इसकी पारदर्शिता के लिए सुबोध सिंह लगातार निगरानी लगे हुए हैं। वहीं हाल ही में सरकार ने विभिन्न निगम, मंडल, आयोग, बोर्ड में नियुक्तियां दे दी है। ताकि पदों पर रहकर यह सब सरकार की कामकाज में मदद करते हुए सरकार की योजनाओं और अपनी जिम्मेदारियों को पूरी कर विश्व में छत्तीसगढ़ को एक अलग पहचान दिला सके। इस दिशा में भी प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और सचिव पी दयानंद को गंभीरता से निगम, मंडल, आयोग, बोर्ड की कामकाजों लेकर समीक्षा करनी होगी अन्यथा वेतनभोगी बनकर यह पदाधिकारी सरकार की नैया डूबोगी है तो कोई आश्चर्य की बात नहीं होंगी। वहीं विभागीय सूत्रों का कहना है कि इस गर्मी में जनता से सीधे संवाद करने के लिए सुबोध सिंह के नेतृत्व में एक बार फिर मुख्यमंत्री जन, ग्राम सुराज का आयोजन की तैयारी कर सकती है । जिसमें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और पूरा जिला प्रशासन के साथ पहुंचकर सरकार के प्रति जनता का मन टटोला जा सके और समास्याओं का निराकरण तत्काल किया जा सके। निश्चित रूप से भाजपा की विष्णु देव साय सरकार को विश्व में पहचान दिलाने के लिए सुबोध सिंह और पी दयानंद जैसे वरिष्ठ अफसर मुख्यमंत्री सचिवालय में पदस्थ हैं । देखना है कि उक्त अफसरों की रणनीति से सरकार की छवि कैसे बनती है..!