अर्जुन सिंह से साय तक हुई घोषणाये।।।।किसी ने अमल नही किया, भूपेश सरकार की स्वीकृति भी अटकी।।।।सोनाखान के ग्रामीण सरकारों से खफा

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बया-विकास अवस्थी

छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीरनारायण सिंह के ग्राम सोनाखान की सत्ताधीशो द्वारा की जा रही अनदेखी से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।ग्राम विकास समिति सोनाखान की एक बैठक में पिछली सरकार द्वारा आदिवासियों के इष्टदेव कुररूपाट तक सीढ़ियों द्वारा पहुच मार्ग के लिए कोई 267 लाख रुपये स्वीकृत किये गए थे परन्तु सरकार बदलते ही कांक्रीट सीढ़ी का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार शहीद वीर नारायण सिंह ग्राम विकास समिति के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों की पहली बार बैठक हुई।बैठक में प्रस्ताव किए गए प्रस्ताव में शहीद वीर नारायण सिंह जी के गाँव में आवागमन की सुविधा ही नही है दर्जनों विधायक मुख्यमंत्री सांसद यहां आकर घोषणा कर चूके परन्तु किसी की भी घोषणा पर अमल नही हो सका।।।बड़े नेताओं की सुविधा के लिए 24 घण्टे में सड़क पुलिया होती है तैयार।। बैठक में बड़े नेताओं की सुख सुविधा पर तंज कसते हुए समिति की बैठक में कहा गया कि बड़े नेताओं के कुछ घण्टो के दौरे के लिए पुल पुलिया एवम सड़के 24 घंटा में बन जाती हैं। नदी- नालाओं में पुल – पुलिया के अलावा पहाड़ों – चटनो पर भी सड़क और पार्क भी बन जाते हैं। सरकार एक तरफ विकास कार्य की जय जय कार करवाने में कसर नही छोड़ रही है। और आम जनता की मूल सुविधा की बात करते हैं परन्तु देश की हालत खराब है कहते हुए जनताओं की आम सुविधा के लिए नजर अंदाज कर दिया जाता है। ठीक ऐसे ही हाल शहीद वीर नारायण सिंह जी के जन्म भूमि गाँव सोनाखान जिला बलौदाबाजार का है । जो आज तक विकास अर्थात मूल सुविधा से कोसो दूर है।।।अर्जुन सिंह से विष्णु देव साय तक आये, परन्तु हालात जस का तस।।बब 19 दिसम्बर सन् 1984 को सबसे पहले तात्कालिक मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश शासन अर्जुन सिंह ने सोनाखान वीरभूमि की सुध ली थी। अर्जुन सिंह, के बाद दिग्विजय सिंह, मोती लाल वोरा , सुन्दर लाल पटवा, अजीत जोगी, डां रमन सिंह, भूपेश बघेल एवम वर्तमान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अलावा अन्य मंत्री गण माधव राव सिधिया, कांतिलाल भूरिया, झुमक लाल भेडिया विद्याचरण शुक्ल , बृजमोहन अग्रवाल, अमर अग्रवाल, जय सिंह अग्रवाल, गौरीशंकर अग्रवाल, राम सेवक पैकरा, ननकी राम कवर ,अजय चंद्राकर राजेश मूणत, केदार कश्यप, प्रेम प्रकाश पाण्डेय पुन्नूराम मोहल्ले सुश्री लता उसेंडी, रम शीला साहु श्रीमती अनीला भेडिया श्री मती रेणुका जोगी , टी एस सिंह देव , शिव कुमार डहरिया कवासी लखमा, प्रेम साय टेकाम, उमेश पटेल एंवम केंद्रीय मंत्री, अमित शाह ,एवम फगन सिंह कुलस्ते आदि नेताओं के सोनाखान आने के बाद भी इन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह जी की जन्मभूमि सोनाखान का विकास की बाते की।परन्तु इसके बावजूद सोनाखान की वर्तमान हालत अत्यंत दयनीय है।नेताओ पर तंज कसते हुए ग्रामीण कहते है कि नेता मात्र घोषणा कर समझते है कि विकास पूर्ण हो गया।लिहाजा अब नेता गण कहते होंगे कि सोनाखान का हमने विकास कर दिया।सोनाखान वासियो ने एक स्वर से मांग की है कि उन्हें घोषणा नही चाहिए बल्कि उन्हें चाहिए पूर्व में कई गयी घोषणाओं पर अमल। उन्हें चाहिए (1) सतनामी समाज के धर्मगुरु बाबा घासीदास की जन्मस्थली गिरौदपुरी से सोनाखान से राजादेवरी से बया कसडोल तक चमचमाती रोड़ (2) कसडोल से नवागांव से सोनाखान तक चमचमाती रोड़ (3) शहीद वीर नारायण सिंह जी के ईष्ट देव स्थान कुर्रुपाठ तक सोनाखान से काक्रेंट रोड़ (4) संण्डी ( बलार जलाशय) कुर्रुपाठ देव स्थान कांक्रेट रोड़ (5) मखूर्राह जलाशय सोनाखान का जीर्णोद्धार एवं नहर नाली निर्माण (6) शहीद वीर नारायण सिंह जी के ईष्ट देव कुर्रुपाठ देव स्थान सोनाखान को पर्यटन स्थल बना कर सौन्दर्य करण करने की मांग । छत्तीसगढ़ राज्य सरकार से और केंद्र सरकार से हम समस्त 18 टोला अर्थात क्षेत्र वासियों की प्रमुखतः माग है। अति शीघ्र शासकीय प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान करने की कृपा करे।। बैठक में उपस्थित श्रीमती हेमलता यादव पूर्व सरपंच सोनाखान, रामसाय यादव ग्राम सोनाखान अध्यक्ष, मोहनदास मानिकपुरी ग्राम उपाध्यक्ष , कैलाश चंद्र देवदास कोषाध्यक्ष, लल्लू राम पैकरा संरक्षक मोहन लाल पैकरा सचिव, डुलेश्वर यादव पंच, नारायण देवदास पंच , गोपाल ठाकुर पंच , बृजलाल पैकरा पंच , शिव कुमार कैवर्त्य , जीराबाई पैकरा पूर्व पंच, टेसकुमारी मितानीन, तीज राम पैकरा, रामायण सिंह पैकरा वन सुरक्षा समिति अध्यक्ष एवं समस्त ग्राम वासी की उपस्थिति में ग्रामीणों द्वारा उक्त प्रस्ताव किया गया।।।ग्राम की मुख्य समस्याएं।। शहीद वीर नारायण सिंह जी के स्मारक के आसपास कचड़ा का ढेर है। कोई विभाग साफ सफाई का विड़ा नहीं उठा रहे हैं । शहीद वीर नारायण सिंह जी के स्मारक और लायब्रेरी में कम से कम 2 चौकीदार – चपरासी होना चाहिए जो कि पर्यटकों को गाइड कर सके। पर्यटकों एवम दर्शनार्थियों के लिए सौर्वजनिंक पेयजल उपलब्ध कराया जाय । शहीद वीर नारायण सिंह जी के और 18 टोला सोनाखान वासियों के ईष्ट देव कुर्रुपाठ पहुँच मार्ग कांक्रीट रोड़ अधुरी है। डबल इंजन की सरकार होने के बाद भी इसका निर्माण अधूरा है। पूर्व बघेल सरकार द्वारा इस कार्य के लिए 267•47 लाख रुपये स्वीकृति किया गया था।जिससे काम चालू हुआ था।परन्तु अब पुनः बन्द कर दिया गया।: सोनाखान की एकलवता सड़क की हालत खराब है ।यह सड़क का 2 माह से पुल टुटने से बस ट्रक बड़े वाहन का आना जाना बंद हो गया है। एकलवता सड़क सोनाखान से राजा देवरी बया पिथौरा महासमुंद को जोड़ने वाली है, यह रोड़ सोनाखान से गुरु घासीदास बाबा धाम गिरौदपुरी , गिधौरी – शिवरीनारायण बिलासपुर जोड़ने वाली है, यह रोड़ सोनाखान से नवागांव, कसडोल , बलौदाबाजार जिला कार्यालय को जोड़ने वाली है। बहरहाल तत्कालीन अविभाजित मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह द्वारा सबसे पहले सोनाखान पहुच कर विकास की नींव रखने के बाद पहले मध्यप्रदेश अब छत्तीसगढ़ के दर्जनों बड़े एवम जिम्मेदार नेता शहीद वीरनारायण सिंह के जन्म एवम शहादत दिवस पर सोनाखान में जाकर अपनी राजनीति चमका चुके है।इन नेताओं ने अपने प्रत्येक दौरे में सोनाखान एवम यहां निवासरत शहीद परिवार के उत्थान के लिए कुछ न कुछ घोषणाएं अवश्य करते आये है।परन्तु दुखद यह है कि अब तक यहां घोषणा के अनुरुप 90 फीसदी कार्य नही हो पाए जो कि घोषणा तक ही सीमित रह गए।बहरहाल अब पंचायत चुनाव के बाद गिरौदपुरी एवम सोनाखान में पर्यटको एवम श्रद्धालुओ की संख्या में वृद्धि हो रही है लिहाजा अब ग्रामीण एक हो कर सोनाखान में घोसित विकास को अमलीजामा पह्यनने में नेताओ को आडेहाथ लेकर मुखर होने लगे है।अब देखना होगा कि ग्रामीणों की आवाज सत्ता तक पहुचती है या अब भी हालात पूर्व की तरह बने रहेंगे।


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